
जानकारी के अनुसार किसान अनिल सूर्यवंशी (अनिल गढ़वाल) समय पर धान टोकन नहीं कटने और शेष धान की खरीदी नहीं होने से मानसिक रूप से बेहद परेशान था। ग्रामीणों ने बताया कि किसान करीब 1.50 लाख रुपये के कर्ज से भी जूझ रहा था। पहले ही एक किस्त में वह 28 क्विंटल धान खरीदी केंद्र में बेच चुका था, लेकिन शेष 29 क्विंटल धान का टोकन नहीं कट पाने के कारण उसका धान नहीं बिक सका।
धान टोकन कटवाने को लेकर किसान संबंधित विभागों के लगातार चक्कर लगा रहा था, लेकिन समाधान नहीं मिलने से वह पूरी तरह टूट गया और गुस्से व हताशा में हाईटेंशन टावर पर चढ़ गया।

घटना की सूचना मिलते ही नवागढ़ पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और रिस्पॉन्स टीम तत्काल हरकत में आई। मौके पर तहसीलदार, एसडीएम सहित पुलिस प्रशासन के अधिकारी पहुंचे और किसान को समझाइश देने का प्रयास शुरू किया गया। करीब 6 घंटे तक चली कड़ी मशक्कत के बाद प्रशासन और पुलिस की समझाइश रंग लाई और किसान को सुरक्षित रूप से टावर से नीचे उतार लिया गया।

इस दौरान सुरक्षा के मद्देनज़र मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। किसान के नीचे उतरते ही सभी ने राहत की सांस ली।
यह घटना एक बार फिर धान खरीदी व्यवस्था, टोकन प्रक्रिया और समयबद्ध समाधान की गंभीरता को उजागर करती है। अंतिम दिन की अव्यवस्था और प्रशासनिक देरी ने एक किसान को इस हद तक मानसिक रूप से तोड़ दिया कि उसने अपनी जान जोखिम में डाल दी।

फिलहाल किसान सुरक्षित है और प्रशासन की ओर से आगे आवश्यक कार्रवाई व सहायता का भरोसा दिया गया है।




















