युवा कांग्रेस कार्यकर्ता राजीव भवन से पुतला लेकर रैली के रूप में निकले और जय स्तंभ चौक पहुंचकर भाजपा जिलाध्यक्ष का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान जमकर नारेबाजी हुई, वहीं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

युवा कांग्रेस का आरोप
युवा कांग्रेस अध्यक्ष सजन पटेल ने कहा कि रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बालोद आए थे और कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष ने पीछे से उन्हें टोका। “कुर्मी समाज के लोग भी किसान हैं। जब भूपेश बघेल किसानों की बात कर रहे थे, तो कुछ लोगों को यह बर्दाश्त नहीं हुआ। हम इस अमर्यादित व्यवहार का विरोध करते हैं,” उन्होंने कहा।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष अंचल प्रकाश साहू ने भी कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री किसानों की समस्याओं पर बात कर रहे थे, जिसे बीच में रोकना निंदनीय है। “इस तरह की टोका-टाकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी,” उन्होंने कहा।
पुतला दहन में रहे ये नेता शामिल
पुतला दहन के दौरान शहर युवा कांग्रेस अध्यक्ष साजन पटेल, शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अंचल प्रकाश साहू, पूर्व अध्यक्ष अनिल यादव, जिला प्रशासनिक महामंत्री आदित्य दुबे, दीपक सानू पाल, पार्षद सुमित शर्मा, शहर उपाध्यक्ष फैज अली, अनिल साहू, देवेंद्र साहू, जतिन साहू, जनपद सदस्य मोहनीश पारकर, दिनेश्वर साहू, अविनाश यादव, आबिद खान, रोहित सहित बड़ी संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
क्या था पूरा मामला
दरअसल, 18 जनवरी को सरदार वल्लभभाई पटेल मैदान में कुर्मी क्षत्रिय समाज का वार्षिक सम्मेलन आयोजित किया गया था। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने किसानों, धान खरीदी व्यवस्था और धान से भरे ट्रकों के गायब होने जैसे मुद्दों पर राज्य सरकार पर सवाल उठाए।
इसी बीच मंच पर मौजूद समाज के कुछ पदाधिकारियों ने यह कहते हुए उन्हें टोका कि यह सामाजिक कार्यक्रम है और यहां राजनीतिक चर्चा नहीं होनी चाहिए। इस पर भूपेश बघेल नाराज हो गए और मंच से ही कहा कि “अगर सम्मान नहीं दे सकते तो बुलाया मत करो।” उन्होंने यह भी कहा कि किसानों के हित की बात को राजनीति बताना गलत है।
भाजपा का पलटवार
विवाद पर भाजपा जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख ने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री पर सामाजिक मंच को राजनीतिक अखाड़ा बनाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सम्मेलन का उद्देश्य समाज के मुद्दों और प्रतिभाशाली युवाओं का सम्मान था, न कि राजनीतिक भाषण। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भूपेश बघेल को राजनीति करनी थी, तो उन्हें कांग्रेस का सम्मेलन करना चाहिए था।
सियासी तापमान चढ़ा
कुर्मी क्षत्रिय समाज का यह वार्षिक सम्मेलन अब पूरी तरह राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं। आने वाले दिनों में यह विवाद जिले की राजनीति में और कितनी गर्मी लाता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।




















