तहसील कार्यालय में एडीएम के उपस्थित नहीं रहने पर सरपंच संघ ने नाराजगी जताते हुए गेट के सामने धरना दे दिया। संघ की मांग थी कि ज्ञापन एसडीएम को ही सौंपा जाए। एसडीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार ज्ञापन लेने पहुंचे, लेकिन सरपंच संघ ने पहले इनकार कर दिया। बाद में ब्लाक सरपंच संघ अध्यक्ष कृष्णा राम साहू द्वारा एसडीएम से मोबाइल पर बातचीत हुई, जिसमें एसडीएम ने ज्ञापन की प्रति मुख्यमंत्री सचिवालय भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद धरना समाप्त कर नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया।

संघ ने स्पष्ट किया कि 15वें वित्त आयोग की बंधित व अबंधित राशि लंबे समय से पंचायतों को नहीं मिलने के कारण ग्राम पंचायतों में विकास कार्य ठप पड़े हैं। सुशासन तिहार के तहत स्वीकृत शौचालय निर्माण के बावजूद हितग्राहियों को भुगतान नहीं हुआ है। वहीं, मनरेगा के मटेरियल और वेंडरों का भुगतान पिछले दो वर्षों से लंबित है, जिससे पंचायतों पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।
धरना-प्रदर्शन के दौरान सरपंच संघ ने सरपंचों का मानदेय 4 हजार से बढ़ाकर 15 हजार रुपये और पंचों का मानदेय 500 से बढ़ाकर 2 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग रखी। इसके अलावा सांसद-विधायक मद की दूसरी किस्त जारी करने, डीएमएफ की परिधि विस्तार, पंचायतों में स्थायी सचिवों की नियुक्ति तथा बंद बैंक खातों की राशि का समायोजन करने जैसी मांगें भी प्रमुखता से उठाई गईं।

इस आंदोलन को संजारी बालोद की विधायक संगीता सिन्हा का समर्थन भी मिला। विधायक ने धरनास्थल पर पहुंचकर सरपंचों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार और प्रशासन से शीघ्र समाधान की अपील की।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
ब्लाक सरपंच संघ की प्रमुख 10 सूत्रीय मांगें
15वें वित्त आयोग की राशि ग्राम पंचायतों के खातों में शीघ्र जमा की जाए
सरपंचों के लंबित मानदेय का भुगतान एवं मानदेय वृद्धि
स्वच्छ भारत मिशन की लंबित राशि का भुगतान
मनरेगा मटेरियल व वेंडरों का त्वरित भुगतान
सांसद एवं विधायक निधि से कराए गए कार्यों की दूसरी किस्त जारी हो
खनिज न्यास निधि (DMF) की राशि सभी ग्राम पंचायतों को प्रदान की जाए
पंचायतों में स्थायी सचिवों की नियुक्ति
बंद बैंक खातों की राशि का समायोजन
लंबित विकास कार्यों के लिए बजट स्वीकृति
ग्राम पंचायतों के मूलभूत कार्यों हेतु पर्याप्त वित्तीय प्रावधान
धरना-प्रदर्शन में ब्लाक सरपंच संघ के पदाधिकारी—उपाध्यक्ष, संरक्षक, सचिव, मीडिया प्रभारी सहित बड़ी संख्या में सरपंच, उपसरपंच और पंच उपस्थित रहे।




















