धर्मांतरण का विरोध थमेगा नहीं : विहिप–बजरंग दल
बालोद।बालोद जिले के गुण्डरदेही क्षेत्र में कथित अवैध प्रार्थना सभाओं और धर्मांतरण गतिविधियों को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल ने प्रशासनिक कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया है। संगठनों का आरोप है कि अवैध रूप से घरों में प्रार्थना और चंगाई सभाएं संचालित करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने के बजाय उनके विरोध में आवाज उठाने वाले हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं को ही निशाना बनाया जा रहा है।

रनचिराई थाना क्षेत्र अंतर्गत बजरंग दल के जिला सह संयोजक स्वप्निल शर्मा, नगर संयोजक पंकज साहू एवं विजय ढीमर के खिलाफ धारा 126, 135(3) और 170 के तहत कार्रवाई की गई है। इसके बाद अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) कार्यालय, गुण्डरदेही द्वारा नोटिस जारी कर संबंधित कार्यकर्ताओं को 20 जनवरी को कार्यालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद हिंदू संगठनों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।

“हिंदू समाज को दबाने का प्रयास” – बलराम गुप्ता
विश्व हिंदू परिषद जिला अध्यक्ष बलराम गुप्ता ने इस कार्रवाई को निंदनीय बताते हुए कहा कि यह निर्णय हिंदू समाज के लिए कार्य करने वाले युवाओं को दबाने और मतांतरण को बढ़ावा देने वालों का मनोबल बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि जिला विहिप सहित समस्त सनातनी समाज इस एकतरफा कार्रवाई की कड़ी निंदा करता है।

दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप
विहिप जिला उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने कहा कि पूर्व में गुण्डरदेही क्षेत्र सहित जिले के कई स्थानों पर मिशनरियों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है और बाहरी क्षेत्रों से आए पास्टरों की गिरफ्तारी भी हुई है। इससे स्पष्ट है कि क्षेत्र में हिंदू विरोधी गतिविधियां संचालित हो रही हैं, लेकिन अब सूचना देने वाले युवाओं पर ही अपराध दर्ज करना अनुचित है।

“घर को चर्च न बनाया जाए”
विहिप जिला मंत्री पोषण बनपेला ने कहा कि शांति समिति की बैठकों में प्रशासन धर्मांतरण जैसे संवेदनशील विषयों पर शांति बनाए रखने की बात करता है, लेकिन जमीनी स्तर पर हिंदू संगठनों पर की जा रही कार्रवाई से समाज में आक्रोश फैल रहा है। उन्होंने मांग की कि धर्म परिवर्तन करने वाले चर्च जाएं, लेकिन घरों को चर्च बनाकर अवैध प्रार्थना सभाएं न चलाएं।

मातृशक्ति ने भी जताई नाराजगी
विहिप जिला मातृशक्ति संयोजिका सत्या साहू ने कहा कि हिंदू समाज शांतिप्रिय है, लेकिन उसे कमजोर समझने की भूल न की जाए। अवैध धर्मांतरण गतिविधियों के खिलाफ महिलाओं में भी रोष है और ऐसी कार्रवाई समाज को भड़काने का काम कर रही है।
पास्टर पर कार्रवाई न होने पर सवाल
हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि हाल ही में पास्टर सतीश साहू द्वारा हिंदू देवी-देवताओं और धर्मग्रंथों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई, लेकिन अब तक उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। संगठन नेताओं ने इसे पुलिस प्रशासन का दोहरा रवैया बताया।
कार्रवाई वापस लेने की मांग
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने प्रशासन से मांग की है कि निर्दोष हिंदू कार्यकर्ताओं पर की गई कार्रवाई को तत्काल वापस लिया जाए, अवैध प्रार्थना और चंगाई सभाओं पर सख्त कार्रवाई हो तथा संबंधित पास्टरों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कानूनी कार्रवाई की जाए।




















