प्रदेश रूचि

प्रधानपाठक पदोन्नति और वरिष्ठता सूची पर अड़चन, 5 जनवरी को जेडी कार्यालय दुर्ग घेराव का ऐलान

प्रधानपाठक पदोन्नति और वरिष्ठता सूची को लेकर शिक्षकों का आक्रोश ,5 जनवरी को संयुक्त संचालक दुर्ग कार्यालय घेराव का ऐलान
दुर्ग। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन ने लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का रुख अपनाते हुए संयुक्त संचालक, शिक्षा विभाग दुर्ग के घेराव का ऐलान किया है। फेडरेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेन्द्र हरमुख ने बताया कि संघ द्वारा 15 दिन पूर्व ही प्रधानपाठक पदोन्नति (माध्यमिक शाला) एवं सहायक शिक्षकों की वरिष्ठता सूची प्रकाशित करने संबंधी ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि यदि 04 जनवरी 2026 तक प्रधानपाठक पदोन्नति तथा वरिष्ठता सूची का प्रकाशन नहीं किया जाता है, तो संघ 05 जनवरी 2026 को संयुक्त संचालक दुर्ग कार्यालय का घेराव करने के लिए बाध्य होगा। इस आंदोलन की संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों और शासन-प्रशासन की होगी।
ऑनलाइन अटेंडेंस और वीएसके ऐप पर कड़ा विरोध
फेडरेशन ने शिक्षकों पर जबरन वीएसके ऐप डाउनलोड कर ऑनलाइन अटेंडेंस लागू किए जाने का भी विरोध किया है। संघ का कहना है कि किसी शिक्षक के निजी मोबाइल में दबावपूर्वक ऐप डाउनलोड कराना संविधान द्वारा प्रदत्त निजता के अधिकार का उल्लंघन है।
शिक्षकों के मोबाइल में निजी फोटोग्राफ, बैंकिंग विवरण और अन्य संवेदनशील जानकारियां रहती हैं, जिनके डाटा लीक, डीप फेक और साइबर अपराध का खतरा बना रहता है। ऐसे में यदि किसी शिक्षक के साथ साइबर फ्रॉड होता है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा—यह बड़ा सवाल है।
संभाग स्तरीय एकजुटता, दुर्ग पहुंचने की अपील
इन सभी मुद्दों को लेकर फेडरेशन ने संभाग स्तर पर संगठनात्मक बैठक आयोजित कर आंदोलन की रणनीति तय कर ली है। संघ ने सभी पदाधिकारियों, जिलाध्यक्षों एवं ब्लॉक अध्यक्षों से अपील की है कि वे 05 जनवरी को अधिक से अधिक संख्या में दुर्ग पहुंचकर संयुक्त संचालक कार्यालय घेराव में शामिल हों।
आंदोलन का आह्वान करने वाले प्रमुख पदाधिकारी
इस आंदोलन का आह्वान करने वालों में देवेन्द्र हरमुख, मनीष मिश्रा, बसंत कौशिक, कौशल अवस्थी, कृष्णा वर्मा, एलेंद्र यादव, प्रेमनारायण शर्मा, रमेश साहू, रामलाल साहू, राजकुमार यादव, पोखन साहू सहित संभाग के समस्त शिक्षक शामिल हैं। सभी ने एक स्वर में कहा कि अपने अधिकारों की रक्षा के लिए शिक्षक एकजुट होकर संघर्ष करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!