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कृष्णकृष्ण जन्म की झांकी ने मोहा मन आमापारा बालोद में निरंजन महाराज की श्रीमद् भागवत कथा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम

बालोद। आमापारा बालोद में आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह के छठवें दिन व्यास पीठ से प्रसिद्ध भागवत कथा वाचक निरंजन महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म, पूतनावध, बाल लीलाओं और माखन चोरी की भावपूर्ण कथाएं सुनाईं। इस अवसर पर कृष्ण जन्म और माखन चोरी की आकर्षक झांकियां निकाली गईं, जिसने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।


जैसे ही कृष्ण जन्म की झांकी मंच पर प्रस्तुत हुई, पूरा पंडाल जयकारों से गूंज उठा। नन्हे कृष्ण के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। पटाखों की गूंज, मिठाइयों का वितरण और पारंपरिक सोहर गीतों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। झांकियों की सुंदर प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया।
कथा के दौरान निरंजन महाराज ने बताया कि कंस के अत्याचारों के अंत और धर्म की स्थापना के लिए भगवान कृष्ण ने अवतार लिया। उन्होंने कहा कि कंस ने देवकी की सात संतानों की हत्या कर दी थी, लेकिन आठवीं संतान के रूप में जन्मे कृष्ण ने उसका वध कर संसार को उसके पापों से मुक्ति दिलाई। उन्होंने मानव जीवन का मूल धर्म बताते हुए कहा कि जीवन की रक्षा सबसे बड़ा धर्म है, न कि हिंसा।


कथा को वर्तमान समय से जोड़ते हुए उन्होंने भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों पर चिंता जताई और कहा कि कंस, रावण और कुंभकरण जैसे पात्र भले ही इतिहास बन चुके हों, लेकिन उनकी प्रवृत्तियां आज भी समाज में जीवित हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है। पूतनावध की कथा में उन्होंने बताया कि बाल कृष्ण को मारने आई पूतना स्वयं कृष्ण के हाथों अपने अंत को प्राप्त हुई।
कथा के दौरान भगवान कृष्ण की बाल लीलाओं और माखन चोरी की झांकी भी प्रस्तुत की गई, जिसमें कृष्ण बने बच्चों ने मटकी फोड़कर दही लूटी। इस मनोहारी दृश्य ने श्रद्धालुओं को आनंद और भक्ति से भर दिया।
आज के प्रसाद वितरण का दायित्व ललित हरदेल ने निभाया। यह धार्मिक आयोजन स्वर्गीय रमोतीन बाई साहू एवं स्वर्गीय थनवार सिंह साहू की पुण्य स्मृति में उनके परिजनों लिखा साहू और कुमार सिंह साहू सहित समस्त गुरु पंच परिवार द्वारा आयोजित किया जा रहा है। कथा के परायणकर्ता परमेश्वर महाराज (ग्राम लिमतरा) हैं।
कथा श्रवण के लिए डोमार सिंह, हरिश्चंद्र साहू, टेसूक गजपाल, चंपालाल साहू, गणेश साहू, एडी दास, चुरामनलाल साहू, सुग्रीव साहू, पी.एल. देशमुख, शत्रुघ्न शर्मा, जयप्रकाश शर्मा, अहिल्याबाई सोनकर, ममता, ईश्वरलाल, मदनलाल, युवराज, राकेश, हर्षवर्धन, दिव्यांश, चैतन्य कुमारी साहू सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

कृष्ण अवतार की झांकी और सोहर गीतों में झूमे श्रोता

कथा प्रवचन के दौरान कृष्ण जन्म की भव्य झांकी निकाली गई। वासुदेव और देवकी के रूप में सजे कलाकार जब टोकरी में नन्हे कृष्ण को लेकर पंडाल में पहुंचे तो पूरा परिसर कृष्ण जयकारों से गूंज उठा। विशेष रूप से सजे मंच, आतिशबाजी और सोहर गीतों ने आयोजन को यादगार बना दिया। वहीं माखन चोरी की झांकी में बाल कृष्णों की शरारतों ने सभी का मन जीत लिया। अवतार की झांकी और सोहर गीतों में झूमे श्रोता
कथा प्रवचन के दौरान कृष्ण जन्म की भव्य झांकी निकाली गई। वासुदेव और देवकी के रूप में सजे कलाकार जब टोकरी में नन्हे कृष्ण को लेकर पंडाल में पहुंचे तो पूरा परिसर कृष्ण जयकारों से गूंज उठा। विशेष रूप से सजे मंच, आतिशबाजी और सोहर गीतों ने आयोजन को यादगार बना दिया। वहीं माखन चोरी की झांकी में बाल कृष्णों की शरारतों ने सभी का मन जीत लिया।

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