बालोद।शासकीय धनश्याम सिंह गुप्त स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बालोद में संचालित विधि विभाग में गंभीर अनियमितताओं और लापरवाही के आरोप सामने आए हैं। इस संबंध में छात्र प्रतिनिधि देवेंद्र कुमार द्वारा जिला कलेक्टर के नाम अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए गए हैं।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप विधि संकाय में शिक्षण कार्य नहीं कराया जा रहा है। लगभग 200 विद्यार्थियों के पंजीकृत होने के बावजूद नियमित कक्षाओं में केवल 30 प्रतिशत छात्र ही उपस्थित रहते हैं, जबकि शेष विद्यार्थियों को नाममात्र की उपस्थिति के आधार पर परीक्षा में सम्मिलित कराया जा रहा है।
आरोप है कि उपस्थिति नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है और लगभग 90 प्रतिशत छात्रों को बिना नियमित कक्षा के ही परीक्षा की अनुमति दी जा रही है। इससे न केवल शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, बल्कि शैक्षणिक भ्रष्टाचार को भी बढ़ावा मिल रहा है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख है कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा पूर्व सत्र में 80 सीटों को घटाकर 60 किया गया था, बावजूद इसके नियमों में सुधार नहीं हुआ। अनुशासन, उपस्थिति एवं शैक्षणिक मानकों की अनदेखी के कारण विधि विभाग लगातार सवालों के घेरे में है।
आवेदक ने जिला प्रशासन से मांग की है कि एलएलबी संकाय की मान्यता, उपस्थिति व्यवस्था और शिक्षण प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि विधि शिक्षा की गरिमा और गुणवत्ता को बहाल किया जा सके। ज्ञापन की प्रतिलिपि बार काउंसिल ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ स्टेट बार काउंसिल एवं विधि एवं न्याय मंत्री को भी प्रेषित की गई है।




















