
मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए तारणी चंद्राकर ने कहा कि तमोरा का गौरवपथ गांव के सामाजिक और आर्थिक जीवन में बड़ा बदलाव लाएगा। उन्होंने कहा, “यह सड़क सिर्फ कंक्रीट का ढांचा नहीं, बल्कि गांव की आत्मनिर्भरता, सम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक है। पूरे विकासखंड के 117 गांवों में से गौरवपथ की स्वीकृति तमोरा को मिलना यह बताता है कि यह गांव विकास के प्रति कितना जागरूक और संगठित है।” उन्होंने ग्रामीणों को इस उपलब्धि पर बधाई दी तथा भरोसा दिलाया कि विकास की यह श्रृंखला आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत सदस्य कांति सोनेश्वरी ने की। इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र चंद्राकर, जनपद सदस्य संध्या खरे, पूर्व सरपंच लक्ष्मी मधुकर, ग्राम तमोरा के सरपंच हिंछा राम सोरी, पांगरी के सरपंच प्रमोद पटेल, पूर्व सरपंच नेमलाल यादव, भाजयुमो अध्यक्ष श्रीकांत वर्मा और बूथ अध्यक्ष डाल सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
भूमिपूजन के दौरान गांव में उत्साह देखते ही बन रहा था। ग्रामीणों ने कहा कि इस सड़क से यातायात सुगम होगा, रोजगार और खेती-किसानी की गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी तथा बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच आसान होगी।
कार्यक्रम में नरसिंह रात्रे, युवराज चंद्राकर, सरयू प्रसाद, खगेश यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। लोगों की भीड़ और गर्मजोशी ने समारोह को विकास का उत्सव बना दिया, जिसमें केंद्र में रहीं जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी चंद्राकर, जिनके नेतृत्व में तमोरा की नई विकास यात्रा की शुरूआत हुई है।




















