प्रतिभा चौधरी ने मुख्यमंत्री को बताया कि बालोद शहर तेजी से विस्तार कर रहा है। लगातार बढ़ती जनसंख्या, विद्यालयी और महाविद्यालयीन गतिविधियाँ, विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक आयोजन—इन सभी को देखते हुए शहर में एक बड़े, आधुनिक और बहु-उपयोगी ऑडिटोरियम की तत्काल आवश्यकता महसूस की जा रही है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे केंद्र के अभाव में कई स्थानीय आयोजन या तो सीमित स्तर पर होते हैं या फिर दूसरे स्थलों पर शिफ्ट करने पड़ते हैं, जिससे शहर की रचनात्मक और सांस्कृतिक ऊर्जा बाधित होती है।

उनकी इस ठोस और दूरदर्शी मांग पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तत्काल सहमति देते हुए आश्वस्त किया कि 1000-सीटर ऑडिटोरियम निर्माण कार्य जल्द स्वीकृत कर पूरा कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सुविधा बालोद के नागरिकों, विद्यार्थियों, कलाकारों और सांस्कृतिक संस्थाओं के लिए एक बड़ा केंद्र बनेगी और क्षेत्र की पहचान को नई ऊंचाई देगी।
मुख्यमंत्री की सकारात्मक प्रतिक्रिया पर प्रतिभा चौधरी ने उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा—“यह निर्णय बालोद के विकास को नई दिशा देगा। आने वाले वर्षों में यह ऑडिटोरियम शहर की सांस्कृतिक धरोहर के रूप में खड़ा होगा।”
प्रतिभा चौधरी की यह पहल न केवल प्रशासनिक संवेदनशीलता को दिखाती है बल्कि शहर के भविष्य को लेकर उनकी प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है। बालोद के नागरिकों के लिए यह घोषणा एक बड़ी सौगात मानी जा रही है।




















