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जेल में बंद सरपंच पति ने दिलाई जान से मारने की सुपारी, हमर राज पार्टी जिला अध्यक्ष की कार फूंकी; पांच आरोपी गिरफ्तार

बालोद। हमर राज पार्टी के जिला अध्यक्ष और पत्रकार देवेंद्र साहू की कार में आग लगाने की सनसनीखेज वारदात के पीछे जेल में बंद सरपंच पति की सुपारी का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने घटना को अंजाम देने वाले पांच आदतन अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सुपारी देने वाले अश्वनी डडसेना और उसकी पत्नी, ग्राम अंगारी की सरपंच ममता डडसेना की भूमिका की जांच जारी है। मामला जमीन विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसे खत्म करने के लिए आरोपियों को हत्या की सुपारी तक दी गई थी।

घटना 1 दिसंबर की रात करीब 9 बजे हुई, जब देवेंद्र साहू ने अपनी कार (CG 24 W 7166) घर की बाउंड्री में पार्क की थी। तभी बाइक में पहुंचे युवकों ने पेट्रोल डालकर कार में आग लगा दी और फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की, जिसके बाद कहानी पूरी तरह पलट गई।

छानबीन में पता चला कि मुख्य आरोपी मोहम्मद फैजान कुछ समय पहले दल्लीराजहरा मारपीट प्रकरण में बालोद जेल में बंद था। वहीं उसकी मुलाकात अश्वनी डडसेना से हुई, जिसने देवेंद्र साहू के साथ अपने जमीन विवाद का हवाला देते हुए उसे जान से मारने की सुपारी दी। अश्वनी ने फैजान से कहा कि जो भी व्यक्ति देवेंद्र को जान सहित मार देगा, उसे वह जितनी रकम मांगेगा उतनी रकम देगा। फैजान चार नवंबर को जेल से छूटा और कुछ दिनों बाद अश्वनी ने फिर उससे संपर्क किया। इस बार निर्देश था—देवेंद्र की हड्डी टूटने तक हमला करो और वीडियो भेजना। साथ ही सुपारी के बदले जमीन देने का लालच भी दिया गया।

अश्वनी ने फैजान को अपने करीबी रिंकू उर्फ श्यामू यादव का नंबर थमाया, जो सरपंच ममता डडसेना के घर से लेनदेन संभालता है। रिंकू ने फैजान को सात हजार रुपये एडवांस दिए और आगे की योजना तय हुई। इसके बाद फैजान ने अपने साथी अनिकेत मेश्राम, सूरज रंगारी और दानेश्वर साहू को साथ मिलाया। उधर अश्वनी के घर का काम देखने वाला अभिषेक चौरे भी इसमें जुड़ गया, जिसने आरोपियों को देवेंद्र साहू का घर और ऑफिस दिखाया।

योजना के अनुसार आरोपी एक रात देवेंद्र साहू के घर पहुंचे और आवाज देकर उन्हें बाहर बुलाया भी, लेकिन गेट के पास लगे सीसीटीवी कैमरे को देखकर वे डर गए और हमला नहीं कर सके। जब यह बात फैजान को बताई गई तो उसने कहा कि अगर मार नहीं सकते तो कार में आग लगा दो। इसके बाद आरोपियों ने कार में पेट्रोल डालकर आग लगा दी। घटना के तुरंत बाद फैजान ने मोबाइल से अश्वनी डडसेना को सूचना दी कि “काम हो गया है, अब पैसों की व्यवस्था करें।” अश्वनी ने चेतावनी दी कि उसका और उसके परिवार का नाम सामने नहीं आना चाहिए, और आगे की रकम तथा घूमने की टिकट रिंकू यादव ही देगा।

पुलिस ने साइबर और फील्ड इनपुट के आधार पर सभी आरोपियों को पकड़ा। उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल बाइक, वारदात के समय पहने कपड़े और मोबाइल जब्त किए गए हैं। संगठित तरीके से अपराध करने के कारण मामले में गैंग संबंधी धाराएँ भी जोड़ी गई हैं। सभी आरोपियों को शनिवार को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पकड़े गए युवकों में अनिकेत मेश्राम, सूरज रंगारी, दानेश्वर साहू, मोहम्मद फैजान और अभिषेक चौरे शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले में सरपंच पति अश्वनी डडसेना और उसकी पत्नी की भूमिका अत्यंत संदिग्ध है और जल्द ही इस कड़ी में और कार्रवाई की जाएगी।

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