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मिल अनुबंध में अव्वल रहा बालोद, पर ट्रायल रन ने खोली सिस्टम की पोल — डिफॉल्ट ओटीपी से हुआ पूरा

बालोद,। धान खरीदी की तैयारियों में बालोद जिला प्रदेश के लिए मिसाल बन गया है। जिले की 143 समितियों में से 136 समितियों में ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। विभाग का दावा है कि यह पूरा काम डिफॉल्ट आईडी, पासवर्ड और ओटीपी के माध्यम से कराया गया, ताकि खरीदी प्रक्रिया का पूरा सिस्टम टेस्ट किया जा सके।

डिफॉल्ट आईडी और ओटीपी से चला ट्रायल

जिला खाद्य अधिकारी तुलसी ठाकुर ने बताया कि मंगलवार और बुधवार को प्राधिकृत अधिकारियों की उपस्थिति में डीआरसीएस के सीईओ, बैंक शाखा प्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम, विपणन संघ और खाद्य विभाग की संयुक्त टीमों ने अलग-अलग रूट में जाकर ट्रायल रन की प्रक्रिया संपन्न कराई।
अब तक 143 में से 136 समितियों का ट्रायल पूरा हो चुका है, जबकि 7 समितियों में आज (गुरुवार) ट्रायल होना बाकी है।
इस दौरान मशीन, डमी टोकन और सॉफ्टवेयर सिस्टम की कार्यप्रणाली की जांच की गई, ताकि 15 नवंबर से शुरू हो रही खरीदी में कोई तकनीकी बाधा न आए।

अनुबंध में भी बालोद जिला प्रदेश में प्रथम

बालोद जिला न सिर्फ ट्रायल रन में, बल्कि मिलरों से अनुबंध के मामले में भी राज्य में प्रथम बन गया है।
खाद्य अधिकारी तुलसी ठाकुर के अनुसार, इस बार खरीदी शुरू होने से पहले ही राइस मिलों का पंजीयन और अनुबंध प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
बुधवार को अरिहंत इंडस्ट्रीज, गणपति राइस मिल और गणपति उद्योग तीनों मिलों का पंजीयन कर कुल 6 अनुबंध किए गए हैं — प्रत्येक मिल से 2 अनुबंध।
उन्होंने बताया कि एफसीआई अरवा और नॉन दोनों मिलाकर कुल 3 अनुमति और 6 अनुबंध संपन्न हुए हैं।
बालोद जिला लगातार दूसरे वर्ष (2023-24 के बाद) भी इस प्रक्रिया में प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त कर रहा है। अधिकारी ने कहा —“लक्ष्य है कि इस वर्ष भी धान का उठाव सबसे पहले बालोद से हो।”

टोकन तुहर हाथ’ ऐप से किसानों को सुविधा

धान खरीदी में पारदर्शिता और सुविधा के लिए ‘टोकन तुहर हाथ’ एंड्रॉइड ऐप विकसित किया गया है।
इस ऐप के जरिए किसान अपनी समिति से जुड़ी जानकारी, भूमि विवरण, बैंक खाता, टोकन और खरीदी से संबंधित नवीनतम अपडेट्स सीधे मोबाइल पर प्राप्त कर सकेंगे।
ऐप के माध्यम से 70 प्रतिशत टोकन ऑनलाइन जारी किए जाएंगे, जिससे लाइन और कागजी कार्यवाही में कमी आएगी।

टोकन की मात्रा पर भी तय नियम

कृषकों के लिए खरीदी लिमिट के अनुसार टोकन जारी किए जाएंगे —

सीमांत कृषक (2.5 एकड़ तक) : अधिकतम 2 टोकन

लघु कृषक (2.5–5 एकड़) : अधिकतम 2 टोकन

दीर्घ कृषक (5 एकड़ से अधिक) : अधिकतम 3 टोकन
यदि किसान की अंतिम प्रविष्टि में धान की मात्रा खरीदी सीमा से अधिक होती है, तो 30% तक अतिरिक्त उपार्जन की अनुमति दी जा सकेगी। निरस्त टोकन भी इस गणना में शामिल होंगे।

समिति कर्मियों की हड़ताल पर वैकल्पिक व्यवस्था

धान खरीदी के सुचारू संचालन को लेकर सहकारिता विभाग के सचिव ने सभी संभाग आयुक्तों और कलेक्टरों को पत्र लिखा है।
पत्र में कहा गया है कि समिति कर्मचारियों की हड़ताल के कारण खरीदी प्रक्रिया में बाधा आ सकती है, इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को समिति प्रबंधक का प्रभार सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
इनमें राजस्व, खाद्य, कृषि एवं अन्य विभागों के अधिकारी शामिल होंगे, ताकि 15 नवंबर से तय समय पर खरीदी शुरू की जा सके।

 

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