मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण शुरू — कलेक्टर ने दी जानकारी, कोई अवैध नागरिक न जुड़े, कोई वैध मतदाता न छूटे
बालोद। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार प्रदेश में निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रारंभ कर दिया गया है। इस अभियान के तहत मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी दिव्या उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में स्थानीय पत्रकारों के साथ जिला कार्यालय सभाकक्ष में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई।
कलेक्टर ने बताया कि भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त, नई दिल्ली द्वारा 27 अक्टूबर 2025 को राज्य में 01 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के संदर्भ में SIR कार्यक्रम की घोषणा की गई है। इस पुनरीक्षण का मुख्य उद्देश्य है — “कोई अवैध नागरिक मतदाता सूची में न जुड़े और भारत का कोई वैध नागरिक छूटे नहीं।”
उन्होंने कहा कि SIR के तहत मृत या अन्यत्र निवासरत व्यक्तियों के नाम को फार्म-7 के माध्यम से हटाया जा सकेगा, नए पात्र मतदाता फार्म-6 भरकर जुड़ सकेंगे और त्रुटियों के सुधार के लिए फार्म-8 का उपयोग किया जाएगा। इस अभियान के जरिए मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिरहित और शुद्ध बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
कलेक्टर मिश्रा ने बताया कि इससे पहले वर्ष 2003 में ऐसा विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम संचालित किया गया था। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार यह अभियान 28 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 07 फरवरी 2026 को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन तक चलेगा।
जिले में 6 लाख 98 हजार से अधिक मतदाता
बालोद जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों में कुल 6 लाख 98 हजार 410 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें 59-संजारी बालोद: 2,37,623 मतदाता,60-डौंडी लोहारा: 2,22,385 मतदाता,61-गुंडरदेही: 2,48,402 मतदाता शामिल हैं।
कलेक्टर ने बताया कि पुनरीक्षण अभियान में बूथ लेवल अधिकारी (BLO) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। BLO घर-घर जाकर मतदाताओं से एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाकर प्राप्त करेंगे। साथ ही राजनीतिक दलों से अपील की गई है कि वे अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त कर बीएलओ का सहयोग करें।
उन्होंने जिले के मतदाताओं से भी इस अभियान में सहभागिता कर मतदाता सूची को शुद्ध बनाने की अपील की।
धान खरीदी पर भी दी महत्वपूर्ण जानकारी
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीकृत किसानों से ही समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की जाएगी। किसानों का पंजीयन कार्य 31 अक्टूबर 2025 तक पूर्ण किया जाना है।
धान खरीदी का कार्य 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक चलेगा। इस दौरान सोमवार से शुक्रवार तक (अवकाश दिवस को छोड़कर) कुल 52 कार्य दिवसों में खरीदी की जाएगी।
कलेक्टर ने बताया कि किसानों को टोकन जारी करने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है 70% टोकन किसान स्वयं अपने मोबाइल से प्राप्त कर सकेंगे। 30% टोकन समितियों के माध्यम से जारी किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सीमांत और लघु कृषकों को प्राथमिकता के आधार पर टोकन जारी होंगे। सीमांत व लघु किसान अधिकतम दो टोकन, जबकि दीर्घ किसान तीन टोकन तक प्राप्त कर सकेंगे।
कलेक्टर ने किसानों से अपील की कि वे अपना धान साफ-सुथरा लाएं और अधिकतम 17 प्रतिशत नमी के साथ औसत अच्छी किस्म का धान उपार्जन केंद्रों पर लाएं, ताकि खरीदी के दौरान किसी प्रकार की समस्या न हो।




















