Skip to main content

प्रदेश रूचि

सरकार ने बदले बैंकिंग नियम-अब नामांकन में गलती की तो फंस सकते हैं वारिस — जानिए नया नियम क्या कहता है!

 1 नवंबर से बदले जाएंगे बैंक खातों में नामांकन के नियम

चार तक नामांकित व्यक्ति जोड़ने की सुविधा, दावा निपटान होगा आसान और पारदर्शी

नई दिल्ली।देशभर के बैंक ग्राहकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अब अपने बैंक खातों, लॉकरों और सुरक्षित अभिरक्षा में रखी वस्तुओं के लिए ग्राहक चार तक नामांकित व्यक्ति जोड़ सकेंगे। यह बदलाव बैंकिंग कानून (संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत किया गया है, जो 1 नवंबर 2025 से लागू होगा।

केंद्र सरकार ने अधिसूचित किया है कि अधिनियम की धारा 10, 11, 12 और 13 के प्रावधान 1 नवंबर से प्रभावी होंगे। इन धाराओं में नामांकन की प्रक्रिया, उसकी सीमा और दावा निपटान की पारदर्शी व्यवस्था से जुड़े नियम शामिल हैं।

 अब चार नामांकन तक की सुविधा

नई व्यवस्था में बैंक ग्राहक अधिकतम चार व्यक्तियों को नामांकित कर सकेंगे। वे यह तय कर पाएंगे कि प्रत्येक नामांकित व्यक्ति को कितनी प्रतिशत हिस्सेदारी मिलेगी — ताकि कुल 100 प्रतिशत का वितरण साफ़-साफ़ दर्ज हो।
जमाकर्ता चाहे तो नामांकन एक साथ (Simultaneous) या क्रमिक रूप से (Sequential) कर सकते हैं। क्रमिक नामांकन में अगला नामांकित व्यक्ति तभी प्रभावी होगा जब पहले नामांकित व्यक्ति का निधन हो जाए।

 लॉकर और सुरक्षित वस्तुओं पर भी लागू होंगे नियम

ये नियम केवल बैंक खातों पर ही नहीं, बल्कि सुरक्षा लॉकरों और सुरक्षित अभिरक्षा में रखी वस्तुओं पर भी लागू होंगे।
इन सुविधाओं में केवल क्रमिक नामांकन की अनुमति होगी, जिससे उत्तराधिकार की स्थिति में विवाद या भ्रम की गुंजाइश नहीं रहेगी।

 दावा निपटान में आएगी पारदर्शिता

सरकार का कहना है कि नए प्रावधानों से बैंकिंग व्यवस्था में एकरूपता, पारदर्शिता और दक्षता आएगी।
बैंकिंग कंपनी (नामांकन) नियम, 2025 में नामांकन जोड़ने, रद्द करने और संशोधित करने की प्रक्रिया तय की गई है। यह नियम सभी बैंकों में समान रूप से लागू होंगे ताकि ग्राहक सुविधा हर स्तर पर सुनिश्चित हो सके।

 पहले लागू हुए थे अन्य प्रावधान

इससे पहले 1 अगस्त 2025 से अधिनियम की धारा 3, 4, 5, 15, 16, 17, 18, 19 और 20 लागू की गई थीं।
अब 1 नवंबर से बाकी चार धाराएँ प्रभाव में आएंगी, जो सीधे ग्राहकों के हितों और बैंकिंग प्रक्रिया से जुड़ी हैं।

– सुधार और सुशासन की दिशा में अहम कदम

बैंकिंग कानून (संशोधन) अधिनियम, 2025 का मुख्य उद्देश्य बैंकिंग क्षेत्र में सुशासन और पारदर्शिता को बढ़ाना है।
इसमें निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष बल दिया गया है—

बैंकिंग क्षेत्र में गवर्नेंस स्टैंडर्ड्स को सुदृढ़ बनाना

बैंकों से भारतीय रिज़र्व बैंक को दी जाने वाली रिपोर्टिंग में एकरूपता सुनिश्चित करना

जमाकर्ता और निवेशक सुरक्षा को और मजबूत करना

सरकारी बैंकों में ऑडिट की गुणवत्ता में सुधार

ग्राहक सुविधा और डिजिटल प्रक्रिया को बढ़ावा देना

अधिनियम सहकारी बैंकों में अध्यक्षों और निदेशकों के कार्यकाल को युक्तिसंगत बनाने का भी प्रावधान करता है।

 

🔹 राजपत्र अधिसूचनाएं और लिंक

राजपत्र अधिसूचना (22 अक्टूबर 2025): egazette.gov.in/ViewPDF.aspx

15 अप्रैल 2025 अधिसूचना: financialservices.gov.in

29 जुलाई 2025 अधिसूचना (एसओ 3494 ई): egazette.gov.in/WriteReadData/2025/265059.pdf

पूर्व PIB विज्ञप्ति (30 जुलाई 2025): pib.gov.in/PressReleasePage.aspx?PRID=2150371

नामांकन के नए नियम आम जमाकर्ताओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण

परिवार में विवाद से राहत:
पहले केवल एक नामांकन की सुविधा होने के कारण कई बार उत्तराधिकार विवाद खड़े हो जाते थे। अब चार नामांकन तक की अनुमति से यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।

दावा निपटान में तेजी:
नामांकित हिस्सेदारी स्पष्ट होने से बैंकों को दावा प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति मिलेगी। उत्तराधिकार प्रमाण पत्र या अदालत की प्रक्रिया की जटिलता भी कम होगी।

ग्रामीण और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष लाभ:
वरिष्ठ नागरिक या ग्रामीण जमाकर्ता अब अपने बच्चों या भरोसेमंद लोगों को क्रमवार नामांकित कर सकेंगे, जिससे उनकी जमा राशि सुरक्षित रहेगी।

डिजिटल बैंकिंग में सुविधा:
नई व्यवस्था में डिजिटल माध्यम से नाम जोड़ना, संशोधित करना या हटाना भी आसान होगा। ग्राहक अब अपने बैंक खाते में ऑनलाइन बदलाव कर सकेंगे।

 

1 नवंबर से लागू होने वाले ये प्रावधान सिर्फ नियमों में बदलाव नहीं, बल्कि बैंकिंग व्यवस्था में भरोसा, सुरक्षा और पारदर्शिता की नई शुरुआत हैं।
यह कदम देश के बैंकिंग ढांचे को अधिक ग्राहक-केंद्रित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!