ऑपरेशन फायर ट्रेल” में बड़ी सफलता: डीआरआई ने न्हावा शेवा बंदरगाह पर ₹4.82 करोड़ के तस्करी पटाखे पकड़े, एक गिरफ़्तार
मुंबई। राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने “ऑपरेशन फायर ट्रेल” के तहत एक बड़े तस्करी रैकेट का भंडाफोड़ किया है। न्हावा शेवा बंदरगाह पर चीन से आए एक कंटेनर से ₹4.82 करोड़ मूल्य के 46,640 अवैध पटाखे/विस्फोटक बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है।
डीआरआई अधिकारियों को चीन से आए एक 40 फुट लंबे कंटेनर की सूचना मिली थी, जिसे आईसीडी अंकलेश्वर भेजा जाना था। कंटेनर में “लेगिंग्स” होने का दावा किया गया था, लेकिन विस्तृत जांच में पता चला कि कपड़ों की परत के पीछे पटाखों की बड़ी खेप छिपाई गई थी।
जांच में तस्करी गिरोह की कार्यप्रणाली से जुड़े आपत्तिजनक दस्तावेज़ भी बरामद हुए, जिसके बाद गुजरात के वेरावल से इस नेटवर्क के एक प्रमुख व्यक्ति को हिरासत में लिया गया।
गौरतलब है कि विदेश व्यापार नीति के तहत आईटीसी (एचएस) वर्गीकरण में पटाखों का आयात ‘प्रतिबंधित’ श्रेणी में आता है। इसके लिए डीजीएफटी (विदेश व्यापार महानिदेशालय) और पीईएसओ (पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन) दोनों से वैध लाइसेंस अनिवार्य होता है।
डीआरआई ने कहा कि ऐसे खतरनाक पदार्थों का अवैध आयात सार्वजनिक सुरक्षा, राष्ट्रीय सुरक्षा और बंदरगाह अवसंरचना के लिए गंभीर खतरा पैदा करता है।
संस्थान ने स्पष्ट किया है कि वह इस तरह के संगठित तस्करी नेटवर्क को ध्वस्त कर देश की व्यापारिक और सुरक्षा पारिस्थितिकी की अखंडता बनाए रखने के अपने मिशन पर दृढ़ता से काम कर रहा है।




















