बालोद कलेक्टर ने दी सख्त हिदायत — धान खरीदी में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
धान खरीदी की तैयारी की समीक्षा, शिक्षा, पोषण और आवास योजनाओं पर भी दिए अहम निर्देश
बालोद। कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने कहा है कि जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के कार्य को हर हाल में सफलतापूर्वक संपन्न किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस काम में किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
संयुक्त जिला कार्यालय सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने राजस्व, खाद्य, पुलिस और अन्य विभागों के अधिकारियों को तैयारी पुख्ता रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी शासन की प्राथमिकता वाला कार्य है, इसलिए अधिकारी पूरी जिम्मेदारी के साथ मैदान में उतरें।
हाल ही में रायपुर में आयोजित कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में बालोद जिले के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना पर उन्होंने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को बधाई दी। कलेक्टर ने कहा — “यह उपलब्धि पूरे जिले के टीम वर्क, समर्पण और मेहनत का परिणाम है।”
धान खरीदी की सख्त निगरानी
कलेक्टर ने बताया कि आगामी 15 नवंबर से धान खरीदी का कार्य शुरू होगा। खरीदी केवल वास्तविक किसानों से ही उनके वास्तविक रकबे के आधार पर की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि अवैध धान खरीदी पर सख्त रोक लगाई जाए और इसके लिए जिले के संवेदनशील केन्द्रों की पहचान कर निगरानी बढ़ाई जाए। साथ ही 11 चेकपोस्टों पर चौकसी बढ़ाने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने सभी एसडीएम, तहसीलदार और विभागीय अधिकारियों को खरीदी अवधि में पूरी तरह मुस्तैद रहकर जिम्मेदारी निभाने को कहा।
शिक्षा में सुधार की पहल
कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी से बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम बेहतर बनाने और शिक्षा गुणवत्ता सुधार पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और सभी स्कूलों में बायोमेट्रिक मशीन लगाना अनिवार्य किया जाए। साथ ही “न्योता भोज” जैसे कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों की भागीदारी भी सुनिश्चित करने को कहा।
राजस्व और कृषि पर समीक्षा
राजस्व प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने कहा कि तय समय सीमा में हर प्रकरण का समाधान होना चाहिए। कृषि विभाग को उन्होंने किसानों को फसल चक्र परिवर्तन के लिए प्रेरित करने कहा, ताकि भविष्य में जल संकट से निपटा जा सके। उन्होंने ग्रीष्मकालीन धान की जगह गन्ना, चना, सरसों और तिवड़ा जैसी फसलों को बढ़ावा देने की बात कही।
सौर ऊर्जा और कुपोषण पर जोर
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से कहा कि वे स्वयं अपने घरों में सोलर प्लेट लगाकर लोगों के लिए प्रेरणा बनें। उन्होंने कुपोषण मुक्त बालोद के लक्ष्य को लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग समेत सभी विभागों को सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
आवास योजना में बड़ी उपलब्धि
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत जिले में अब तक 45 हजार आवासों का निर्माण पूरा होने पर कलेक्टर ने पूरी टीम की सराहना की और कहा कि यह उपलब्धि बालोद के विकास की दिशा में एक बड़ी छलांग है।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक, अजय किशोर लकरा, नूतन कंवर सहित सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।




















