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बालोद : अबोध बालिका से दुष्कर्म का आरोपी एक साल में पहुंचा जेल, कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा

बालोद। अबोध बालिका से दुष्कर्म जैसे जघन्य अपराध पर बालोद की पॉक्सो अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए आरोपी को महज एक साल के भीतर ही सजा सुना दी। अदालत ने आरोपी कोमल गिरी गोस्वामी (35 वर्ष), निवासी धुर्सा, थाना पाण्डुका, जिला गरियाबंद को दोषी पाते हुए 20 वर्ष के सश्रम कारावास और 1000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफटीएससी (पॉक्सो) कृष्ण कुमार सूर्यवंशी की अदालत से आया है।

विशेष लोक अभियोजक बसंत कुमार देशमुख के अनुसार, घटना 22 सितंबर 2024 की है। आरोपी ने एक नाबालिग बालिका को अपने कमरे में ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। रोती हुई पीड़िता जब घर पहुंची तो मां ने पूछताछ की, तब पूरा मामला सामने आया।

अगले ही दिन 23 सितंबर 2024 को परिजनों ने गुरूर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376(2) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5(ड)/6 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच निरीक्षक टी.एस. पट्टावी और प्रआर नर्मदा कोठारी द्वारा की गई।

महज एक साल के भीतर पुलिस जांच पूरी कर 26 अक्टूबर 2024 को अभियोग पत्र अदालत में पेश किया गया। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल की सजा सुनाई।

यह फैसला न केवल पीड़िता को न्याय दिलाने की दिशा में एक अहम कदम है, बल्कि समाज में यह संदेश भी देता है कि निर्दोषों पर अत्याचार करने वालों को कानून किसी भी हाल में बख्शेगा नहीं।

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