अपनी लंबित मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ और तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने मंगलवार को एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया और रैली निकालकर अपनी आवाज बुलंद की।मांगों को लेकर सड़क पर उतरे कृषि अधिकारी
बालोद। अपनी नौ सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ कृषि स्नातक शासकीय कृषि अधिकारी संघ एवं तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ ने मंगलवार को नया बस स्टैंड स्थित टैक्सी स्टैंड में एक दिवसीय सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद अधिकारियों ने रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम पर एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान बड़ी संख्या में कृषि अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे, जिन्होंने शासन के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की।जिला अध्यक्ष नवलकिशोर साहू ने बताया कि यह प्रदर्शन संघ के प्रांतीय आह्वान पर किए जा रहे चरणबद्ध आंदोलन का हिस्सा है। उन्होंने कहा, “छत्तीसगढ़ के कृषि विभाग में कार्यरत ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों एवं कृषि विकास अधिकारियों की मांगें लंबे समय से लंबित हैं। हमने प्रथम चरण में 8 और 9 सितम्बर को काली पट्टी लगाकर काम करते हुए शासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया था। इसके बाद द्वितीय चरण में 15 सितम्बर को भोजन अवकाश के समय कलेक्टर, अनुविभागीय अधिकारी और तहसीलदार के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन आज तक हमारी मांगें पूरी नहीं हुई हैं।”यह हैं प्रमुख मांगेंसंघ की प्रमुख मांगों में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के वेतनमान में संशोधन कर ग्रेड पे 4300 रुपये करना, कार्यक्षेत्र का पुनर्निर्धारण, और मासिक स्थायी भत्ते (FIX TA) को बढ़ाकर 2500 रुपये करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, अधिकारी विभागीय कार्यों के लिए मोबाइल, लैपटॉप और स्टेशनरी हेतु संसाधन भत्ता, अतिरिक्त प्रभार की स्थिति में सम्मानजनक भत्ता, तथा मध्य प्रदेश की तर्ज पर ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी का पदनाम संशोधित कर ‘कृषि विस्तार अधिकारी’ करने की मांग कर रहे हैं। साथ ही, कृषि अधिकारियों की गैर-विभागीय कार्यों में ड्यूटी लगाने पर रोक लगाने, आदान सामग्री का भंडारण सहकारी समितियों में करने तथा अनुदान राशि के लिए DBT प्रणाली लागू करने और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से कृषि विकास अधिकारी पद पर पदोन्नति प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ करने की भी मांग की गई।




















