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बालोद में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

 

बालोद। भारतीय मजदूर संघ के आव्हान पर शुक्रवार को जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं स्थानीय नया बस स्टैंड में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन पर रहीं। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम सहायक अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा।

धरना स्थल पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संघ की जिलाध्यक्ष आयशा खान ने कहा कि कई वर्षों से लंबित मांगों व विभागीय समस्याओं को लेकर बार-बार सरकार को अवगत कराया गया, लेकिन न केंद्र सरकार और न ही राज्य सरकार ने इस पर कोई सार्थक कदम उठाया। उल्टा काम का बोझ बढ़ा दिया गया है, जबकि आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा की अनदेखी की जा रही है।

उन्होंने कहा कि श्रमिक वर्ग के लिए न्यूनतम वेतन पर विचार कर वृद्धि की गई, लेकिन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया। इससे कार्यकर्ता आर्थिक और मानसिक परेशानियों से गुजर रही हैं।

चार सूत्रीय मांगें

1. आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका को शासकीय कर्मचारी घोषित किया जाए। जब तक यह संभव न हो, तब तक न्यूनतम सम्मानजनक मानदेय दिया जाए।

2. मध्यप्रदेश, हरियाणा सहित अन्य राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ में भी मानदेय व सुविधाएं दी जाएं तथा हर वर्ष मानदेय वृद्धि का प्रावधान हो।

3. पोषण ट्रैकर एप में नेटवर्क व तकनीकी समस्याओं के कारण अधूरी एंट्री को मानदेय से न जोड़ा जाए और इस संबंध में बनाए गए नियम को तत्काल हटाया जाए।

4. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सामाजिक सुरक्षा, ईपीएफ, पेंशन व अन्य भत्तों का लाभ मिले। रिटायरमेंट राशि 5 लाख रुपये की जाए और इसका भुगतान एक माह के भीतर किया जाए।

 

धरना-प्रदर्शन में जिलेभर से बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं शामिल हुईं।

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