बालोद।किसानों की विभिन्न समस्याओं के निराकरण करने सहित 13 सूत्रीय मांगों को लेकर गुरुवार को भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष सावंत राम साहू ने कहा कि किसान आज प्रदेश में खाद, बिजली, पानी की समस्या को लेकर बहुत व्यथित है। प्रदेश में ये तीनों समस्याएं विकराल रुप धारण करते जा रही हैं। खाद के लिए प्रदेश में मारामारी हो रही है, किसान खाद महंगे दामों में लेने हेतु विवश हो गया है। बिजली कटौती से किसान त्रस्त है। नहरों का पानी अंतिम गांवों तक पहुंच नहीं पाया है ऐसे में छत्तीसगढ़ का किसान खेती कैसे कर पायेगा? ऐसा प्रतीत होता है जैसे प्रशासन व्यवस्था ध्वस्त हो गई है, अधिकारी मनमाने ढंग से कार्य कर रहे हैं, भ्रष्टाचार चरम पर है और इसे रोक पाना असंभव दिखाई देता है।भारतीय किसान संघ ने प्रदेश में किसानों का शोषण बंद होना चाहिए एवं उनकी समस्याओं का तत्काल निराकरण करने की मांग मुख्यमंत्री से किया है।
किसानों की 13 सूत्रीय मांगें
जिलाध्यक्ष सावंत राम साहू ने बताया कि 13 सूत्रीय मांगों में प्रमुख रूप से खाद की कालाबाजारी बंद हो एवं सहकारी समितियों में भंडारण सुनिश्चित हो। बिजली कटौती पूर्णतः बंद हो तथा घरेलू बिजली पर पुनः हाफ बिजली बिल योजना लागू की जाए। प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाया जाए तथा नहरों का पानी अंतिम गांव तक पहुंचे, ऐसी व्यवस्था किया जाए। पिछले सरकार न्याय योजना की बकाया चौथी किश्त की राशि दीपावली से पूर्व भुगतान की जाए।धान की राशि प्रति क्विन्टल 3100 रूपये में केन्द्र सरकार द्वारा समर्थन मूल्य में की गयी 186 रूपये की बढ़ोतरी को जोड़कर 3286 रूपये का भुगतान किया जाए व धान खरीदी 1 नवंबर से प्रारंभ की जाए। दलहन, तिलहन की खेती पर प्रति एकड़ ₹20 हजार अनुदान दिया जाए तथा रबी में दलहन, तिलहन, मक्का एवं सूरजमुखी की खरीदी की जाए।
कृषक उन्नति योजना में गन्ना फसल को जोड़ा जाए। जैविक खेती में जो अनुदान भारत सरकार देती है उसे छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को दिया जाए। धान खरीदी में किसानों से प्रति बोरी 40.700 किलोग्राम धान से अधिक नहीं लिया जाए एवं सरकारी विज्ञापनों में तथा सभी समितियों में यह बैनर द्वारा अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाए।
गन्ना का समर्थन मूल्य के अलावा दो सौ रूपये प्रति क्वींटल प्रोत्साहन राशि दिया जाए। गन्ना उत्पादक किसानो को गन्ना कटाई और परिवहन के लिए खनिज नियास से पैसा दिया जाए।गिरते हुए भू-जल स्तर को देखते हुए ग्रीष्मकालीन धान के बदले अन्य फसलों को प्रोत्साहित किया जाए एवं दलहन तिलहन फसलों को समर्थन मूल्य में खरीदी व्यवस्था की जाए। रविशंकर जलाशय (गंगरेल बांध) लिंग नहर के द्वारा तांदुला जलाशय से जोड़ा जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष सावंत राम साहू,देवीलाल डडसेना,उमेश साहू,मुन्ना,अनुज कुमार, पेवेंद्र साहू सहित अन्य शामिल रहें।
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बालोद में भारतीय किसान संघ ने खाद-बिजली की कमी और प्रशासनिक भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को 13 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें किसानों की समस्याओं के तत्काल निराकरण की मांग की गई है।
किसानों का आक्रोश और प्रशासन पर आरोप
भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष सावंत राम साहू के नेतृत्व में किसानों ने प्रदेश में व्याप्त खाद, बिजली और पानी की विकराल समस्या पर गहरा रोष व्यक्त किया। साहू ने कहा, “किसान आज प्रदेश में खाद, बिजली, पानी की समस्या को लेकर बहुत व्यथित है। खाद के लिए मारामारी हो रही है और किसान महंगे दामों में इसे खरीदने को विवश है। बिजली कटौती से किसान त्रस्त हैं और नहरों का पानी अंतिम गांवों तक नहीं पहुंच रहा। ऐसा लगता है जैसे प्रशासनिक व्यवस्था ध्वस्त हो गई है, अधिकारी मनमानी कर रहे हैं और भ्रष्टाचार चरम पर है, जिसे रोकना असंभव दिखाई देता है।” संघ ने किसानों के इस शोषण को तत्काल बंद करने की मांग की है।
13-सूत्रीय मांग पत्र की प्रमुख बातें
किसानों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में निम्नलिखित प्रमुख मांगें शामिल हैं:
* खाद की कालाबाजारी तत्काल बंद हो और सहकारी समितियों में पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए।
* बिजली कटौती पूरी तरह से बंद हो और घरेलू बिजली पर ‘हाफ बिजली बिल योजना’ फिर से लागू की जाए।
* सिंचाई का रकबा बढ़ाया जाए और नहरों का पानी अंतिम छोर के गांवों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाए।
* पिछली सरकार की न्याय योजना की बकाया चौथी किश्त का भुगतान दीपावली से पहले किया जाए।
* धान का मूल्य ₹3286 प्रति क्विंटल किया जाए (केंद्र की ₹186 की बढ़ोतरी जोड़कर) और खरीदी 1 नवंबर से शुरू हो।
* दलहन-तिलहन की खेती के लिए प्रति एकड़ ₹20 हजार का अनुदान दिया जाए और रबी फसलों की खरीदी सुनिश्चित हो।
* कृषक उन्नति योजना में गन्ना फसल को भी शामिल किया जाए।
* धान खरीदी में प्रति बोरी 40.700 किलोग्राम से अधिक धान न लिया जाए और यह नियम सभी समितियों में बैनर लगाकर प्रदर्शित हो।
* गन्ना उत्पादकों को समर्थन मूल्य के अतिरिक्त ₹200 प्रति क्विंटल की प्रोत्साहन राशि दी जाए।
* गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए ग्रीष्मकालीन धान की जगह अन्य फसलों को प्रोत्साहित किया जाए।
* रविशंकर जलाशय (गंगरेल बांध) को लिंग नहर के माध्यम से तांदुला जलाशय से जोड़ा जाए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिलाध्यक्ष सावंत राम साहू, देवीलाल डडसेना, उमेश साहू, मुन्ना, अनुज कुमार और पेवेंद्र साहू सहित कई किसान मौजूद रहे।




















