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आदि सेवा पर्व की शुरुआत: कलेक्टर मिश्रा-सीईओ चंद्रवंशी ने गांव में बदलाव की नई सोच रखी

जिले में ‘आदि सेवा पर्व’ की शुरुआत, कलेक्टर दिव्या मिश्रा पहुंचीं परसदा गांव

बालोद।आदि कर्मयोगी अभियान के तहत जिले में आज से ‘आदि सेवा पर्व’ की शुरुआत हुई। 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलने वाले इस पर्व के पहले दिन कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा परसदा गांव पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों के बीच बैठकर गांव के विकास पर चर्चा की। ग्रामीणों ने तिलक और गुलदस्ता भेंटकर उनका स्वागत किया।

कलेक्टर मिश्रा ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव सुने। ग्रामीणों ने आवास, सड़क, सीसी रोड और पेयजल जैसी ज़रूरतें सामने रखीं। इस दौरान उन्होंने किसानों को धान के बजाय कम पानी वाली फसल अपनाने की सलाह दी और कहा—“छोटे-छोटे बदलाव ही बड़े बदलाव की राह खोलते हैं।”

उन्होंने मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों की मांग और सुझाव लिखित रूप में दर्ज कर विशेष ग्राम सभा (2 अक्टूबर) में अनुमोदन के लिए रखा जाए।

इसी तरह जिले के कई आदिवासी बहुल गांवों—गुदूम, धोबनी अ, दानीटोला, मथेना, पथराटोला, लिमउडीह, खैरबना, खपराभाट, पिपरखार, कुआंगांव, फुलसुंदरी, महाराजपुर आदि में भी आज ‘आदि सेवा पर्व’ की शुरुआत हुई, जहां बड़ी संख्या में जनजातीय परिवार शामिल हुए।

क्या खास है ‘आदि सेवा पर्व’ में?

जनजातीय अंचलों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कौशल विकास, आजीविका, स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा से जुड़ी गतिविधियां।

ट्राइबल विलेज एक्शन प्लान और ट्राइबल विलेज विजन 2030 की तैयारी।

हर गांव के लिए दीर्घकालिक विकास रोडमैप।

2 अक्टूबर को विशेष ग्राम सभा में योजनाओं का अनुमोदन।

ग्राम स्तर पर आदि सेवा केंद्र और ग्राम विकास कैलेंडर की स्थापना।

आदि सेवा पर्व के जरिए न केवल आदिवासी अंचलों तक सरकारी योजनाओं की पहुंच आसान होगी, बल्कि गांवों के लिए दीर्घकालिक विकास का रास्ता भी तय होगा।

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