बालोद जिला मुख्यालय एक बड़े कायाकल्प के दौर से गुजर रहा है। सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट के तहत लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से सड़कों और डिवाइडरों का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। लेकिन इस विकास की चमक के पीछे गड्ढों से भरी सड़कों का अंधेरा भी है, जो शहरवासियों और राहगीरों के लिए बड़ी मुसीबत बना हुआ है।
8.9 करोड़ की महत्वाकांक्षी परियोजना
लोक निर्माण विभाग ने इस पूरे प्रोजेक्ट को पांच महीनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से एक महीना बीत चुका है। इस योजना के तहत, दल्ली चौक से मधु चौक और फिर सिद्धार्थ ट्रेडर्स तक डिवाइडर बनाए जा रहे हैं। इसके बाद जयस्तंभ चौक से घड़ी चौक और दल्ली चौक से घड़ी चौक तक भी डिवाइडर का निर्माण किया जाएगा। इस बड़े बदलाव पर विभाग कुल 8.9 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
निर्माण की रफ़्तार और बाधाएं
फिलहाल, दल्ली चौक से घड़ी चौक तक सड़क चौड़ीकरण के लिए सरदार पटेल मैदान की दीवार को तोड़ा जा रहा है और नाली निर्माण का काम भी शुरू हो गया है। हालांकि, निर्माण की राह में बिजली के पोल एक बड़ी बाधा बने हुए हैं, जिन्हें अभी तक शिफ्ट नहीं किया गया है। विभाग पर समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने का दबाव है, खासकर इसलिए क्योंकि बरसात का मौसम निर्माण कार्यों में अक्सर बाधा डालता है।
गड्ढों से परेशानी, नए निर्माण से उम्मीद
एक तरफ जहां निर्माण कार्य प्रगति पर है, वहीं दूसरी तरफ शहर की मौजूदा सड़कें गड्ढों से पटी पड़ी हैं। विभाग द्वारा गिट्टी-सीमेंट से की गई मरम्मत नाकाफी साबित हुई है और लोगों की परेशानी जस की तस बनी हुई है। इन मुश्किलों के बावजूद, स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों को उम्मीद है कि यह प्रोजेक्ट जल्द पूरा होगा और उन्हें गड्ढों भरे सफर से निजात मिलेगी। सड़क चौड़ीकरण और डामरीकरण के बाद शहर की सूरत बदलने की आशा सभी को है।




















