बालोद। जिले में जुआ और सट्टा पर रोक लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक की ओर से बार-बार सख्त निर्देश जारी किए जा रहे हैं। इसके बावजूद गुण्डरदेही थाना क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से जुआरी गिरोह की सक्रियता की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हाल ही में डगनिया ग्रीन्स रिसॉर्ट के एक फार्म हाउस में लाखों रुपये के दांव लगते पकड़े गए थे, जिसमें कई बड़े नाम सामने आए। इस कार्यवाही ने इलाके में खासी हलचल मचाई थी।

डगनिया ओटेबंद, सिरसिदा इलाके बने केंद्र
स्थानीय सूत्र बताते हैं कि ओटेबंद, सिरसिदा और उतई क्षेत्र के कुछ पुराने जुआरी — जिनका नाम लंबे समय से सामने आता रहा है — लगातार फड़ संचालित कर रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक पप्पू, मदनमोहन और राकेश (बदला हुआ नाम)नामक लोगों के बारे में चर्चाएं हैं कि वे इन गतिविधियों को आगे बढ़ा रहे हैं। हालांकि पुलिस की कार्रवाई के दौरान हर बार सूचना पहले ही लीक हो जाने से बड़े खिलाड़ी बच निकलते हैं।

रेड से पहले मिल जाती है सूचना
जानकारी के अनुसार, इस गिरोह की रणनीति बेहद संगठित है। फड़ के एक किलोमीटर के दायरे में मुखबिर तैनात रहते हैं, जो आने-जाने वाले हर वाहन पर नजर रखते हैं। किसी भी संदिग्ध वाहन को देखते ही तुरंत संदेश पहुंचा दिया जाता है, जिससे फड़ संचालक सतर्क हो जाते हैं। यही वजह है कि हाल ही में देवरी गांव के पास एक राइस मिल में जुए के अड्डे पर हुई रेड भी नाकाम रही और पुलिस टीम खाली हाथ लौटना पड़ा।

बाहरी जिलों से आते हैं बड़े खिलाड़ी
इन फड़ों में स्थानीय से ज्यादा बाहरी जिलों और बड़े घरानों से जुड़े खिलाड़ी शामिल होते हैं। उनकी सुरक्षा और गोपनीयता के लिए उनके वाहन आधा से एक किलोमीटर दूर खड़े करा दिए जाते हैं और उन्हें अंदर लाने-ले जाने का अलग इंतजाम किया जाता है।
पुलिस के लिए चुनौती
हर माह होने वाली क्राइम मीटिंग में पुलिस अधीक्षक द्वारा साफ निर्देश दिए गए हैं कि जिले में किसी भी स्तर पर जुआ-सट्टा की अनुमति नहीं होगी और इसमें शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई होगी। बावजूद इसके, कुछ इलाकों में ऐसे खेल का लगातार चलना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
अब देखना होगा कि बालोद पुलिस इन गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए आगे क्या ठोस कदम उठाती है।




















