बालोद।जिले में कुपोषण मुक्ति अभियान को नई ताकत देते हुए कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने अनूठी पहल की है। उन्होंने बालोद विकासखण्ड के ग्राम चिचबोड़ की ढाई साल की हिमांशी और ग्राम परसोदा की चार वर्षीय तेजस्वी को गोद लिया है। दोनों बच्चियों को सुपोषित बनाने की जिम्मेदारी अब खुद कलेक्टर ने अपने हाथों में ले ली है।

संयुक्त जिला कार्यालय में कलेक्टर ने बच्चियों और उनके परिजनों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने बच्चियों को गोद में लेकर दुलार किया और बिस्किट-टॉफी भी दी। उन्होंने परिजनों से कहा कि बच्चों की सही देखभाल और संतुलित आहार ही उन्हें सामान्य श्रेणी में ला सकता है। साथ ही खानपान व परवरिश से जुड़ी अहम जानकारी भी साझा की।
इस अभियान में जिला पंचायत सीईओ सुनील चंद्रवंशी भी पीछे नहीं हैं। उन्होंने पहले ही ग्राम के दो कुपोषित बच्चों — 3 साल के पुष्पराज और डेढ़ साल के प्रिंस ठाकुर — को गोद लेकर उनकी देखभाल का जिम्मा उठाया है।

कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी समीर पाण्डेय, जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजानंद साहू सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।




















