गांवों में मुनादी कर ग्रामीणों को सुरक्षित रहने की अपील की जा रही है। एसडीओ ने स्वयं प्रभावित गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से मुलाकात की और देर शाम घर से बाहर न निकलने की हिदायत दी। हाथी की चिंघाड़ सुनकर ग्रामीण अलर्ट हो जाते हैं। चूंकि गांवों में ज्यादातर कच्चे मकान हैं, ऐसे में नुकसान की आशंका बनी रहती है। हालांकि अब तक किसी भी मकान या संपत्ति को हाथी ने क्षति नहीं पहुंचाई है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने मलकुंवर, आड़ेझर, हिड़कापार, चिखली, जमरूआ, साल्हे, कोकान, टेकाधोड़ा, हाथीगोर्रा, अड़जाल, अरमुरकसा, ख़म्हरटोला, सर्किल और पटेली सर्किल सहित 19 गांवों में अलर्ट जारी किया है।
वन विभाग की टीम लगातार गांव-गांव गश्त कर रही है। वहीं एसडीओपी ने लोगों से जंगल की ओर न जाने, सतर्क रहने और एक-दूसरे को जागरूक करने की अपील की है। साथ ही कहा है कि हाथी दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी वन अमले को सूचना दें। ग्रामीणों से रात में सफर न करने की विशेष अपील की गई है।




















