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9 साल से फरार चिटफंड कंपनी डायरेक्टर गिरफ्तार…करोड़ों की ठगी कर फिल्मों में बना रहा था कैरियर..भुनेश्वर में अंडरकवर ऑपरेशन चलाकर बालोद पुलिस ने किया गिरफ्तार

भुनेश्वर से गिरफ्तार चिटफंड कंपनी का डायरेक्टर, बालोद पुलिस की बड़ी सफलता

बालोद पुलिस ने चिटफंड घोटाले में फरार चल रहे आरोपी काली प्रसाद मिश्रा को भुनेश्वर (ओडिशा) से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी पुलिस की विशेष टीम ने की, जो थाना बालोद और साइबर सेल के अधिकारियों से मिलकर बनाई गई थी।

पुलिस ने बताया कि आरोपी माइक्रोलिजिंग एंड फंडिंग लिमिटेड और माइक्रोफाइनेंस चिटफंड कंपनी का डायरेक्टर रह चुका है। इन कंपनियों के जरिए उसने छत्तीसगढ़ के निवेशकों को ज्यादा ब्याज का लालच देकर करोड़ों रुपये जमा करवाए और बाद में कंपनी के दफ्तर बंद कर फरार हो गया।

कई दिन तक चला ऑपरेशन

पुलिस टीम भुनेश्वर भेजी गई थी। वहां टीम ने कई दिनों तक कैंप कर लोकल मुखबिरों और स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी का ठिकाना खोज निकाला। आखिरकार कड़ी मशक्कत के बाद काली प्रसाद मिश्रा को गिरफ्तार कर बालोद लाया गया।

2016 से फरार था आरोपी

थाना बालोद में अपराध क्रमांक 609/2016 के तहत धोखाधड़ी, कूटरचना और निवेशकों से ठगी करने के आरोप में मामला दर्ज है। कंपनी पर आरोप है कि उसने एजेंटों के जरिए निवेशकों से पैसा इकट्ठा किया और बाउंड पेपर पर पावती दी। साल 2014-16 के बीच जांच शुरू होने पर कंपनी ने अपने सभी दफ्तर बंद कर दिए। तब से आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार था।

आरोपी का बयान

गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने एमबीए किया है और 2004 से 2013-14 तक कंपनी का डायरेक्टर रहा। छत्तीसगढ़ में जब शिकायतें दर्ज होने लगीं तो उसने डायरेक्टरी से इस्तीफा दे दिया और फरारी के दौरान फिल्मों से जुड़े छोटे-मोटे काम करके जीवन यापन करता रहा।

गिरफ्तारी में रही इनकी अहम भूमिका

आरोपी को पकड़ने में थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा, उप निरीक्षक कमला यादव, साइबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य, प्रधान आरक्षक रूमलाल चुरेंद्र, आरक्षक भोप साहू, संदीप यादव, पुरण देवांगन, गुलझारी साहू और रवि साहू का विशेष योगदान रहा।

 

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