पहले 13 अगस्त को हुई बैठक में, 10 में से 5 मांगों को मंजूरी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद हड़ताल का कोई समाधान नहीं निकला। परिणामस्वरूप, राज्य सरकार ने 25 कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया, जिससे कर्मचारियों का आक्रोश और भी बढ़ गया।

हड़तालियों ने बताया कि वे पिछले 19 दिनों से बालोद के नया बस स्टेंड स्थित टैक्सी स्टेंड में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। आज, इन कर्मचारियों ने धरना स्थल से रैली निकाली और धडी चौक स्थित सीएमएचओ ऑफिस पहुंचे, जहां उन्होंने सामूहिक इस्तीफा सौंपा।
इसके साथ ही, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने हड़ताली कर्मचारियों को दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी और नोटिस भी जारी किया। हालांकि, बालोद जिले के कर्मचारियों ने राज्य सरकार द्वारा भेजे गए नोटिस के बावजूद अपनी मांगों को लेकर अपनी जिद कायम रखी।
राज्य सरकार और एनएचएम के अधिकारियों के बीच चल रहे इस गतिरोध के बीच, कर्मचारियों ने अपनी आवाज़ बुलंद की है और अपनी मांगों को पूरी तरह से स्वीकारने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया है।
विशेष जानकारी: इस हड़ताल का असर बालोद जिले में स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा है, जहां कर्मचारियों की कमी से सेवाओं की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो सकती है।




















