Skip to main content

प्रदेश रूचि

चौहान प्लाजा की दो दुकानों की बिक्री में 28 लाख की धोखाधड़ी, चौहान बिल्डर्स के मालिक के भाई पर फर्जी दस्तावेज बनाने का आरोपडौंडीलोहारा जनपद के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे 2.20 करोड़ के कार्य, कुसुम शर्मा के प्रयासों को मिली सफलतादिसंबर में रेल यात्रियों की बढ़ेगी परेशानी! बंगाल, गुजरात और महाराष्ट्र रूट की कई ट्रेनें रद्द, बिलासपुर-दुर्ग समेत हावड़ा, मुंबई, सूरत और अहमदाबाद जाने वाले यात्री रहें सतर्कदिवाली से पहले मिठाई-पनीर फैक्ट्रियों में छापा, कहीं एक्सपायरी दूध तो कहीं गंदगी के बीच तैयार हो रही थीं मिठाइयांबालोद में विज्ञान केंद्र से लेकर 223 करोड़ की सड़क तक, शिक्षा, डिजिटल कृषि, जनशिकायतों और देश की सियासत पर प्रदेशरुचि की खास पड़ताल

संघर्ष से सम्मान तक : बालोद की शिक्षिका को राज्यपाल देंगे शिक्षक दिवस पर पुरस्कार

आज शिक्षक दिवस पर होगा सम्मान : 64 शिक्षकों को राज्यपाल देंगे पुरस्कार

रायपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर आज राजधानी रायपुर में राज्यपाल रमेन डेका 64 शिक्षकों को राज्यपाल शिक्षक सम्मान पुरस्कार (Governor’s Teacher Honor Award) वर्ष 2024-25 से सम्मानित करेंगे। यह सम्मान उन शिक्षकों को दिया जा रहा है जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य और नवाचार के माध्यम से बच्चों की ज़िंदगी को नई दिशा देने का काम किया है।

छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से चयनित इन शिक्षकों में बालोद जिले की डौंडीलोहारा की महिला शिक्षिका एनुका सार्वा भी शामिल हैं। एनुका की कहानी संघर्ष और समाजसेवा दोनों का जीता-जागता उदाहरण है। उन्होंने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से लंबी जंग जीती और फिर नई ऊर्जा के साथ छात्रों और समाज के बीच लौट आईं।

एनुका न सिर्फ बच्चों को किताबी ज्ञान देती हैं, बल्कि कैरियर गाइडेंस और स्किल डेवलपमेंट के जरिए उन्हें आत्मनिर्भर बनने की राह भी दिखाती हैं। कोविड महामारी के दौरान, जब मास्क की भारी कमी थी, तब उन्होंने खुद घर पर मास्क बनाकर आसपास के लोगों को मुफ्त में उपलब्ध कराए। उस कठिन समय में उनकी यह सेवा समाज के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं रही।

सम्मानित होने पर एनुका सार्वा ने कहा—
“यह सम्मान मेरे लिए नई शुरुआत है। मैं चाहती हूँ कि मेरे काम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिले और शिक्षा के साथ-साथ समाज सेवा का यह सफर और आगे बढ़े।”

आज शिक्षक दिवस पर जब राज्यपाल राज्य के 64 शिक्षकों को सम्मानित करेंगे, तो यह सिर्फ उनका नहीं बल्कि शिक्षा के उस अलख का सम्मान होगा जिसे इन शिक्षकों ने अपनी मेहनत और समर्पण से जलाए रखा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!