रायपुर में श्रद्धांजलि
भाजपा प्रदेश कार्यालय रायपुर में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने वाजपेयी के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित किए। इस मौके पर प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने कहा—
“आज छत्तीसगढ़ एक स्वतंत्र राज्य के रूप में खड़ा है तो यह अटल जी की दूरदृष्टि और राष्ट्र निर्माण की सोच का परिणाम है। उनका जीवन, विचार और देशप्रेम हम सबके लिए प्रेरणा हैं।”
कार्यक्रम में पूर्व प्रदेश मंत्री राकेश यादव, वरिष्ठ नेता अखिल दीवान, अल्पसंख्यक मोर्चा अध्यक्ष मख़मूर इकबाल खान, महामंत्री शाहिद खान, युवा मोर्चा कार्यकर्ता अमित मैसरी और अमन प्रताप सिंह भी मौजूद रहे।

बालोद में श्रद्धांजलि सभा
बालोद जिला कार्यालय में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का संचालन जिला महामंत्री राकेश छोटू यादव ने किया। उन्होंने कहा—
“अटल जी ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र सेवा, गरीब कल्याण और सुशासन को समर्पित किया। वे हमारे लिए युगदृष्टा और प्रेरणास्रोत हैं।”
मुख्य वक्ता कुलदीप कत्याल ने वाजपेयी के जीवन और राजनीतिक सफर पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अटल जी तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे, 24 दलों के गठबंधन की सरकार चलाकर उन्होंने स्थिरता और सुशासन का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्हें ‘भीष्म पितामह’ भी कहा गया क्योंकि उन्होंने आजीवन अविवाहित रहते हुए राष्ट्र सेवा का संकल्प निभाया।
कविताओं और विचारों से दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम में अरुण साहू ने वाजपेयी की कविता “मैं जी भर जिया, मैं मन से मरूं…” सुनाकर श्रद्धा व्यक्त की।
अमित चोपड़ा ने उनकी कविता “बाधाएं आती हैं आए, पांव के नीचे अंगारे…” प्रस्तुत की।
निशा योगी ने “हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा” पंक्तियां पढ़ीं।
भुवनेश्वरी ठाकुर और सरस्वती टेमरिया ने संघर्ष पर आधारित उनकी कविताओं को दोहराया।
अकबर तिगाला ने अटल जी के विचार “परमात्मा भी आकर कहे कि छुआछूत मानो तो मैं ऐसे परमात्मा को नहीं मानूंगा” का उल्लेख किया।
अबरार सिद्धकी ने कहा—”अटल जी हमेशा इरादे लेकर आए, वादे लेकर नहीं।”
बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल
कार्यक्रम में पूर्व जिला अध्यक्ष कृष्णकांत पवार, वरिष्ठ नेता यज्ञदत्त शर्मा, उपाध्यक्ष भुवनेश्वरी ठाकुर, मंत्री निशा योगी, जनपद पंचायत अध्यक्ष सरस्वती टेमरिया, मंडल अध्यक्ष अमित चोपड़ा, मीडिया प्रभारी कमल पनपालिया, शहर मोर्चा अध्यक्ष रौनक कत्याल, पार्षद दीपक लोढ़ा सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
संकल्प का संदेश
दोनों कार्यक्रमों का मूल उद्देश्य वाजपेयी के व्यक्तित्व और कृतित्व को याद कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लेना रहा। नेताओं ने कहा कि अटल जी की कविताएं, राजनीति और जीवन दर्शन आज भी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।




















