ग्रामीणों का आरोप है कि गांव का एक परिवार, जो पिछले कुछ समय से संत रामपाल पंथ का अनुयायी है, न तो गांव के रीति-रिवाज और पूजा-पाठ को मानता है और न ही सामाजिक आयोजनों में कोई सहयोग करता है। ग्रामीणों का कहना है कि खेती-किसानी में सहयोग मिलने के बावजूद यह परिवार साहू समाज के कार्यक्रमों का विरोध करता है और गांव के अन्य आयोजनों से खुद को अलग रखता है।

ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि उक्त परिवार के महज दो लोग पूरे गांव के खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज करवा रहे हैं, जिससे गांव में आपसी वैमनस्य और तनाव फैल रहा है। उनका कहना है कि सामाजिक स्तर पर हमेशा सहयोग देने के बावजूद, यह परिवार गांव की एकता को तोड़ने की कोशिश कर रहा है।
विश्व हिंदू परिषद के जिलाध्यक्ष बलराम गुप्ता ने कहा कि इस परिवार के रवैये से गांव का माहौल बिगड़ रहा है। “महज दो लोग पूरे गांव को परेशान कर रहे हैं और सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा रहे हैं। यदि प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेकर तत्काल समाधान नहीं निकाला, तो विश्व हिंदू परिषद ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेगी,” उन्होंने चेतावनी दी।
कलेक्टरेट पहुंचे ग्रामीणों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और मांग की कि गांव में बढ़ते इस धार्मिक व सामाजिक तनाव को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। ग्रामीणों का कहना है कि वे सौहार्दपूर्ण वातावरण में रहना चाहते हैं, लेकिन झूठे आरोप और भेदभाव से उनका धैर्य टूट रहा है।




















