पुलिस ने दर्ज किया मामला
थाना बालोद में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, आंदोलन के दौरान किसानों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मार्ग अवरुद्ध किया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन करीब डेढ़ घंटे बाद ही भीड़ सड़क से हटी।
इस मामले में पुलिस ने BNS की धारा 285, 126(2) और 189(2) के तहत केस दर्ज किया है। एफआईआर में 10 किसानों के नाम दर्ज हैं—
वैभव साहू, रोशन सोनवानी, उत्तम साहू, रघुनाथ ठाकुर, कुमार हिरवानी, फलेश्वरी साहू (उपसरपंच), अशोक कल्याणी, ओमप्रकाश भुआर्य, भुपेश साहू और संजय साहू।
इसके अलावा एफआईआर में “अन्य” भी उल्लेख है, जिससे साफ है कि जांच के बाद और नाम सामने आने पर कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है।

खाद उपलब्ध थी, फिर भी जाम
शिकायतकर्ता भुपेश देशमुख, प्रभारी समिति प्रबंधक, सेवा सहकारी समिति लाटाबोड़ के अनुसार, आंदोलन के समय सोसायटी में यूरिया और सुपर फास्फेट खाद का स्टॉक उपलब्ध था और उसी दिन वितरण भी होना था। उन्होंने बताया कि किसानों को अपनी बारी के अनुसार खाद लेने की अपील की गई, लेकिन प्रदर्शनकारी बातचीत को तैयार नहीं थे।
आमजन को हुई परेशानी
चक्का जाम से मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। आसपास के दुकानदारों और राहगीरों ने बताया कि सड़क बंद होने से कई लोग फंस गए और आवश्यक कार्यों में देरी हुई। पुलिस ने बाद में भीड़ हटाकर यातायात बहाल किया।
लगातार बढ़ रहा खाद विवाद
खाद की कमी को लेकर जिले में विरोध की घटनाएं बढ़ रही हैं। 13 अगस्त को दल्लीराजहरा क्षेत्र के किसानों ने भी खाद और अन्य समस्याओं को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। अब तक जिले में 6 से अधिक जगहों पर किसानों ने आंदोलन या चक्का जाम किया है, जिनमें दो मामलों में पुलिस ने केस दर्ज किया है।




















