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65 शिक्षकों का इंटरव्यू हो चुका था, लेकिन डीईओ बालोद ने जारी किया रद्दीकरण आदेश, शिक्षकों ने लगाया भेदभाव का आरोप

बालोद।दुर्ग जिले के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में प्रतिनियुक्ति हेतु जारी भर्ती प्रक्रिया में बालोद जिले के 65 शिक्षक शामिल हुए थे, जिन्हें जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय बालोद से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्रदान किया गया था। सभी शिक्षकों ने नियमानुसार 4 और 6 अगस्त को साक्षात्कार प्रक्रिया में भाग भी लिया, लेकिन उसी दिन शाम को एक आदेश जारी कर उनके सभी अनापत्ति प्रमाण पत्रों को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया।

इस फैसले से नाराज होकर छत्तीसगढ़ व्याख्याता वाणिज्य विकास संघ के बैनर तले शिक्षकों ने जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और इसे अन्यायपूर्ण बताते हुए विरोध जताया। संघ के प्रदेश सचिव विवेक धुर्वे ने बताया कि सभी शिक्षक साक्षात्कार की प्रक्रिया से गुजर चुके थे, और इस प्रकार अंतिम चरण में जाकर NOC रद्द करना न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि शिक्षकों के अधिकारों का उल्लंघन भी है।

शिक्षकों का कहना है कि जब भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी, तब सभी औपचारिकताओं का पालन करते हुए NOC जारी किया गया था। अब अचानक उसे रद्द करना यह दर्शाता है कि प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी। उनका आरोप है कि अन्य जिलों के शिक्षकों के NOC वैध माने गए, जबकि केवल बालोद के शिक्षकों को निशाना बनाया गया है।

इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी प्रभारी द्वारिका प्रसाद कोसरे ने स्पष्ट किया कि कई स्कूलों से एक साथ 5 से 6 शिक्षकों को NOC जारी कर दिया गया था, जिससे शिक्षकों की भारी कमी की आशंका बन गई थी। उच्च स्तर से निर्देश प्राप्त होने के बाद यह आदेश जारी किया गया।

मामले को लेकर शिक्षकों ने कलेक्टर बालोद से भी मुलाकात की, जहाँ कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि उनसे बिना चर्चा किए NOC जारी किया गया है और डीईओ को ही इसका समाधान निकालना होगा। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे उच्च न्यायालय की शरण लेंगे।

विवाद बढ़ने के बाद शिक्षकों में असंतोष का माहौल है और सभी चयनित शिक्षक आदेश निरस्त करने की मांग कर रहे हैं।

ज्ञापन सौंपने पहुंचे शिक्षक प्रतिनिधि:
विवेक धुर्वे, अरविंद जैन, योगिता कौशल्य, जया झा, संध्या वर्मा, सीमा वर्मा, रीना वर्मा, द्रौपदी सिंह सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे।

 

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