बालोद, सड़कों पर घूमते आवारा मवेशियों से आए दिन हो रही दुर्घटनाओं और यातायात बाधित होने की घटनाओं पर अब बालोद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। जिले के कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के स्पष्ट निर्देश पर सभी अनुविभागीय दंडाधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिए हैं। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत पारित किया गया है, जो आगामी दो माह तक प्रभावशील रहेगा।
प्रशासन के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्यीय मार्ग और स्थानीय सड़कों पर लावारिस पशुओं की मौजूदगी न केवल सड़क दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रही है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं के आवागमन को भी बाधित कर रही है। यही नहीं, इससे मानव जीवन, पशु जीवन और सार्वजनिक संपत्ति को भी भारी क्षति पहुंच रही है।
जारी आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि अपने पशुओं को सड़कों या सार्वजनिक स्थलों पर खुला छोड़ना अब दंडनीय अपराध होगा। ऐसा करने वाले पशुपालकों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 291 एवं पशु क्रूरता अधिनियम 1960 की धारा 11(1) के अंतर्गत कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना और सजा दोनों शामिल हैं।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह आदेश एकपक्षीय रूप से (Ex parte) जारी किया गया है, क्योंकि व्यक्तिगत सुनवाई और साक्ष्य संग्रहण का अवसर इस स्थिति में संभव नहीं था। आदेश का मुख्य उद्देश्य जनहित, लोक शांति, यातायात व्यवस्था और पशु सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
यह कदम तब उठाया गया जब उच्च न्यायालय ने भी W.P. (PIL) 58/2019 के तहत इस गंभीर समस्या पर संज्ञान लिया था और राज्य शासन से जवाब मांगा था। इसके बाद से ही बालोद जिला प्रशासन विशेष सतर्कता बरतते हुए जमीनी स्तर पर कार्ययोजना तैयार कर रहा था, जो अब आदेश के रूप में सामने आया है।
कलेक्टर बालोद दिव्या उमेश मिश्रा की पहल और मार्गदर्शन में तैयार की गई यह कार्रवाई न केवल सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाएगी बल्कि अवांछनीय घटनाओं और कानून-व्यवस्था संबंधी समस्याओं को भी रोकने में सहायक होगी।
अब क्या करना होगा पशुपालकों को?
सभी पशुपालकों को अपने पशुओं को बांधकर या नियंत्रित रूप से रखनाअनिवार्य होगा।
किसी भी पशु को सड़क या सार्वजनिक स्थल पर खुला नहीं छोड़ा जा सकता।
आदेश उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आदेश की मुख्य बातें संक्षेप में:
लागू क्षेत्र: बालोद जिले के सभी अनुविभाग
आदेश अवधि: 31 जुलाई से आगामी 2 माह तक
कानूनी आधार: नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163, न्याय संहिता 2023 की धारा 291, पशु क्रूरता अधिनियम 1960 की धारा 11(1)
उद्देश्य: सड़क हादसों में कमी, यातायात सुगमता, पशु व मानव जीवन की सुरक्षा




















