यह मंदिर ग्राम पंचायत ओरमा के वार्ड क्रमांक एक में तालाब पार क्षेत्र में ग्रामीणों के सहयोग से स्थापित किया गया था। सुबह जब ग्रामीण पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे, तब उन्हें तोड़फोड़ की जानकारी हुई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में एकत्र हो गए और घटना के प्रति रोष जताया।

गांव में इस घटना को लेकर भारी तनाव का माहौल है। ग्राम समिति अध्यक्ष नेमलाल साहू ने नाराजगी जताते हुए कहा, “धार्मिक स्थल को नुकसान पहुंचाना बेहद निंदनीय है। दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।”
ग्राम सचिव प्रीतम कुमार सोनकर ने इसे आस्था पर सीधा हमला बताते हुए कहा, “इस तरह की घटनाएं समाज को बांटने वाली होती हैं। दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
गांव के वरिष्ठ नागरिक कमलेश साहू ने कहा कि पुलिस को तत्काल जांच कर आरोपियों की पहचान कर सख्त सजा देनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण आज थाने जाकर इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराएंगे।

कोषाध्यक्ष खिलेश्वर कुमार सोनकर ने कहा, “यह केवल मंदिर पर हमला नहीं है, यह हमारे भगवान और हमारी आस्था पर चोट है। गांव में अब सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। पुलिस के साथ-साथ ग्राम समिति भी सतर्कता बढ़ाएगी।”

ग्रामीणों की मांग है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत करने का साहस न कर सके। फिलहाल गांव में तनाव का माहौल है, लेकिन ग्रामीण एकजुट होकर न्याय की मांग कर रहे हैं।




















