निरीक्षण के दौरान राज बैंगल्स एंड फैन्सी स्टोर्स, नमो कलेक्शन, गोविंद जनरल स्टोर्स और ओम आशापुरा इंटरप्राइजेस जैसी प्रतिष्ठानों में उत्पादों के स्टॉक रजिस्टर, खरीद रसीदें और निर्माता कंपनियों से जुड़े अभिलेखों की बारीकी से जांच की गई।

प्रशासन का यह अभियान महज़ औपचारिकता नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं तक मानक गुणवत्ता वाले सौंदर्य प्रसाधन पहुंचाने और नकली व घटिया उत्पादों पर लगाम कसने की एक ठोस पहल है।
स्वास्थ्य हित में कठोरता जरूरी
सौंदर्य प्रसाधन सीधे त्वचा और शरीर के संपर्क में आते हैं, ऐसे में घटिया या अवैध उत्पादों का उपयोग त्वचा रोगों, एलर्जी और लंबे समय में गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है। शासन का यह रुख उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने वाला है।
क्या होगा आगे?
संकलित नमूनों को राज्य प्रयोगशाला भेजा जाएगा, जहाँ उनकी गुणवत्ता का परीक्षण किया जाएगा। यदि किसी उत्पाद में मानकों से समझौता पाया गया, तो संबंधित प्रतिष्ठान और निर्माता कंपनी के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जनहित में सतर्कता
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने दुकानदारों को चेताया है कि वे केवल प्रमाणित और विधिवत पंजीकृत कंपनियों के उत्पाद ही बेचें। आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे किसी भी उत्पाद की खरीदारी करते समय उसकी लेबलिंग, निर्माण तिथि, निर्माता का नाम और बैच नंबर जरूर देखें और संदिग्ध उत्पाद की सूचना विभाग को दें।




















