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रायपुर से दिल्ली तक गूंजा छत्तीसगढ़ का नाम, साय और अरुण साव की अगुवाई में सफाई बनी पहचान

छत्तीसगढ़ की सफाई पर देश ने लगाई मुहर: बिल्हा देश का सबसे साफ छोटा शहर, बिलासपुर और कुम्हारी भी टॉप में

मुख्यमंत्री साय और मंत्री अरुण साव के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ बना स्वच्छता का रोल मॉडल

रायपुर |देशभर में जब बात स्वच्छता की होती है, तो अब छत्तीसगढ़ का नाम सबसे ऊपर लिया जा रहा है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 के नतीजों ने यह साबित कर दिया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव की अगुवाई में राज्य ने स्वच्छता के मोर्चे पर जो मेहनत की, वह अब राष्ट्रीय मंच पर चमक रही है।

इस साल के सर्वेक्षण में राज्य के सात शहरों को राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है, जिनमें बिल्हा, बिलासपुर, कुम्हारी, अंबिकापुर, पाटन, विश्रामपुर और रायपुर शामिल हैं।

बिल्हा बना देश का सबसे स्वच्छ छोटा शहर

20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की कैटेगरी में बिल्हा नगर पंचायत ने देशभर में पहला स्थान हासिल कर लिया है। यह उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि यह दिखाती है कि छोटे शहर भी बड़े बदलाव ला सकते हैं – बस नीयत और मेहनत होनी चाहिए।

 बिलासपुर और कुम्हारी ने भी देशभर में झंडा गाड़ा

बिलासपुर ने 3 से 10 लाख की आबादी वाले शहरों में देश का दूसरा स्थान पाया है।

कुम्हारी ने 20 से 50 हजार आबादी की श्रेणी में देशभर में तीसरे स्थान पर अपनी जगह पक्की की है।

इन दोनों शहरों की सफाई व्यवस्था, वेस्ट मैनेजमेंट और जनता की भागीदारी ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया।

छत्तीसगढ़ के तीन शहर पहुंचे ‘सुपर स्वच्छता लीग’ में

इस साल पहली बार शुरू हुई ‘स्वच्छता सुपर लीग’ (SSL) में अंबिकापुर, पाटन और विश्रामपुर शामिल हुए हैं। ये वो शहर हैं जो पिछले तीन वर्षों में एक बार टॉप-3 में रहे और इस बार भी टॉप-20 में अपनी जगह बनाए हुए हैं।

अंबिकापुर: 50 हजार से 3 लाख की आबादी वर्ग

पाटन और विश्रामपुर: 20 हजार से कम आबादी वर्ग

इन शहरों ने निरंतरता और गुणवत्ता के दम पर अपना नाम इस विशेष लिस्ट में दर्ज कराया है।

रायपुर को मिला ‘प्रॉमिसिंग स्वच्छ शहर’ का तमगा

राजधानी रायपुर को इस बार ‘प्रॉमिसिंग सिटी’ के रूप में सम्मान मिला है, जो इस बात का संकेत है कि शहर की सफाई व्यवस्था बेहतर हो रही है और आने वाले वर्षों में टॉप-3 में पहुंचने की पूरी संभावना है।


राष्ट्रपति ने किया सम्मानित, दिल्ली में छत्तीसगढ़ का परचम

नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने छत्तीसगढ़ के इन सात शहरों को सम्मानित किया। इस मौके पर खुद उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री अरुण साव मौजूद थे।उन्होंने अपने नेतृत्व में इन पुरस्कारों को ग्रहण किया, जिससे यह साफ झलकता है कि राज्य सरकार शहरी विकास और साफ-सफाई को प्राथमिकता दे रही है।केंद्रीय शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल और राज्यमंत्री तोखन साहू भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

सीएम साय और मंत्री साव ने दी जनता और निकायों को बधाई

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा —“ये छत्तीसगढ़ की जनता, नगरपालिकाओं, सफाई कर्मियों और अफसरों की मेहनत का फल है। यह सिर्फ पुरस्कार नहीं, बल्कि हमारे प्रदेश की नयी पहचान है – स्वच्छता में अग्रणी छत्तीसगढ़।”

 

 उप मुख्यमंत्री अरुण साव, जिन्होंने खुद पुरस्कार समारोह में भाग लिया, ने कहा —”ये सम्मान हमें रोकने नहीं, आगे और बेहतर करने के लिए प्रेरित करते हैं। हमारी कोशिश है कि आने वाले सालों में छत्तीसगढ़ के और भी ज़्यादा शहर राष्ट्रीय मंच पर चमकें। हम शहरी विकास को सिर्फ योजना नहीं, ज़मीन पर उतरा हुआ बदलाव मानते हैं।”

ये हैं छत्तीसगढ़ के विजेता शहर और उनकी श्रेणियां

शहर आबादी वर्ग राष्ट्रीय रैंक

बिल्हा 20 हजार से कम 1st
बिलासपुर 3 से 10 लाख 2nd
कुम्हारी 20-50 हजार 3rd
अंबिकापुर 50 हजार – 3 लाख SSL में चयनित
पाटन 20 हजार से कम SSL में चयनित
विश्रामपुर 20 हजार से कम SSL में चयनित
रायपुर राजधानी ‘प्रॉमिसिंग सिटी’ अवॉर्ड

कहां से आया ये बदलाव?

इस पूरी सफलता के पीछे है –स्थानीय निकायों की सक्रियता,नियमित निगरानी और नवाचार,जनता की भागीदारी और सबसे बड़ी बात, राज्य सरकार की स्पष्ट प्राथमिकता – ‘साफ शहर, सुंदर छत्तीसगढ़’

आगे क्या?

अब सरकार का फोकस बाकी शहरों को भी इस रेस में आगे लाने का है।नवाचार, तकनीक और जागरूकता के ज़रिए, छत्तीसगढ़ स्वच्छता के साथ-साथ जीवन स्तर सुधारने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रहा है।

 

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