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बिजली दर बढ़ोत्तरी पर कांग्रेस का प्रहार: 22 जुलाई को होगा जिला स्तरीय प्रदर्शन

बालोद। छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में चौथी बार वृद्धि को लेकर भाजपा सरकार विपक्ष के निशाने पर आ गई है। मंगलवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने राजीव भवन में प्रेस वार्ता कर सरकार पर जनता को लूटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि साय सरकार ने डेढ़ साल के भीतर बिजली दरों में चार बार वृद्धि कर उपभोक्ताओं की कमर तोड़ दी है।

हिरवानी ने कहा कि इस बार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में 10 से 20 पैसे प्रति यूनिट और गैर-घरेलू उपयोग के लिए 25 पैसे की वृद्धि की गई है। वहीं, कृषि पंपों पर 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी कर किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया गया है।

80 पैसे यानी 13% की वृद्धि, कांग्रेस काल में केवल 2 पैसे

कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा की सरकार ने डेढ़ साल में कुल 80 पैसे (करीब 13 प्रतिशत) बिजली दरें बढ़ाई हैं, जबकि कांग्रेस शासन में पांच वर्षों में केवल 2 पैसे की वृद्धि हुई थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय बिजली बिल हाफ योजना के तहत 65 लाख उपभोक्ताओं को राहत दी गई थी और किसानों को 5 एचपी तक मुफ्त बिजली मिली थी।

बिजली कटौती, चोरी और घाटे का बोझ जनता पर

हिरवानी ने आरोप लगाया कि सरकार बिजली चोरी और लाइन लॉस रोकने में विफल रही है, लेकिन इन घाटों की भरपाई उपभोक्ताओं से की जा रही है। कई सरकारी विभाग और उपक्रम बिजली बिल जमा नहीं कर रहे, पर इसका असर आम लोगों पर डाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि “कोयला, पानी और जमीन हमारी है, लेकिन हमें ही महंगी बिजली खरीदनी पड़ रही है।”

केन्द्र की नीतियों और अडानी ग्रुप पर भी निशाना

केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए हिरवानी ने कहा कि कोयले पर ग्रीन टैक्स, रेलवे मालभाड़ा और डीजल पर सेंट्रल एक्साइज बढ़ाए जाने से बिजली उत्पादन महंगा हुआ है। कांग्रेस नेता ने यह भी आरोप लगाया कि अडानी ग्रुप से महंगे दरों पर कोयला खरीदने के लिए बिजली कंपनियों को बाध्य किया जा रहा है। उन्होंने प्रीपेड मीटर लगाने की तैयारी को भी जनविरोधी करार दिया।
22 जुलाई को बिजली ऑफिस का घेराव, ब्लॉक स्तर पर भी होगा आंदोलन

प्रेसवार्ता के अंत में हिरवानी ने बताया कि 22 जुलाई को कांग्रेस पार्टी बालोद में बिजली विभाग कार्यालय का घेराव करेगी। साथ ही जिले के सभी ब्लॉक मुख्यालयों में भी विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। प्रेस वार्ता में रतिराम कोसमा, पुरुषोत्तम पटेल, मिथलेश नुरेटी, अनिल चेनानी, अंचल प्रकाश साहू और कमलेश श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।

 

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