दही हांडी उत्सव में डोंगरगढ़ के गोविंदा ने मारी बाजी, 40 फीट ऊंची मटकी फोड़कर जीता 60 हजार का पुरस्कार
बालोद में कृष्ण जन्माष्टमी पर उमड़ा आस्था और उत्साह का सैलाब, रायपुर दूसरे और बालाघाट की टीम रही तीसरे स्थान पर
बालोद। कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर बालोद शहर का सरदार वल्लभभाई पटेल मैदान रविवार को कृष्ण भक्ति, उत्साह और रोमांच से सराबोर रहा। कृष्ण जन्मोत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित भव्य दही हांडी उत्सव में शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। ‘गोविंदा आला रे’ के जयघोष, डीजे की धुन और गोविंदा टीमों के जोश ने पूरे मैदान को उत्सव के रंग में रंग दिया।
कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण करीब 35 से 40 फीट की ऊंचाई पर बांधी गई दही हांडी रही। इसे फोड़ने के लिए विभिन्न शहरों से पहुंची गोविंदा टीमों के बीच रोमांचक मुकाबला हुआ। मानव मीनार बनाकर मटकी तक पहुंचने की हर कोशिश के साथ दर्शकों का उत्साह चरम पर पहुंचता रहा। टीमों के बार-बार प्रयास, असफलता के बाद दोबारा रणनीति बनाकर मैदान में उतरने और ऊंचाई पर पहुंचने के रोमांच ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया।

डोंगरगढ़ की टीम ने जीता मुकाबला
दही हांडी फोड़ने के मुकाबले में डोंगरगढ़ की गोविंदा टीम ने शानदार टीमवर्क और संतुलन का प्रदर्शन करते हुए सबसे पहले मटकी फोड़कर प्रथम स्थान हासिल किया। विजेता टीम को 60 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। रायपुर की मंडली ने दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि बालाघाट की टीम तीसरे स्थान पर रही। द्वितीय पुरस्कार के रूप में 30 हजार और तृतीय पुरस्कार के रूप में 10 हजार रुपये की राशि रखी गई थी। तृतीय पुरस्कार की राशि राकेश यादव की ओर से प्रदान की गई।
डोंगरगढ़ की टीम के सदस्यों ने एक-दूसरे के कंधों पर चढ़कर कई स्तरों वाली मानव मीनार तैयार की और चुनौतीपूर्ण ऊंचाई को पार करते हुए दही हांडी फोड़ने में सफलता हासिल की। मुकाबले के दौरान कई बार टीमें मटकी के करीब पहुंचकर भी लक्ष्य हासिल नहीं कर सकीं, लेकिन लगातार प्रयास जारी रखा। बीच-बीच में पानी का छिड़काव किए जाने से मुकाबले में रोमांच और बढ़ गया।
हजारों दर्शकों ने देखा रोमांचक मुकाबला
दही हांडी उत्सव को देखने के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल मैदान में बड़ी संख्या में दर्शक जुटे। मैदान के अलावा आसपास की सड़कों पर भी लोगों की भीड़ दिखाई दी। जैसे ही गोविंदा टीमें मानव मीनार बनाकर ऊंचाई की ओर बढ़तीं, दर्शकों की निगाहें मटकी पर टिक जातीं और पूरा मैदान जयकारों से गूंज उठता।
ऊंचाई अधिक होने के कारण मटकी फोड़ना टीमों के लिए बड़ी चुनौती रहा। संतुलन, सामूहिक प्रयास और बेहतर तालमेल के दम पर डोंगरगढ़ की टीम ने बाजी मारी।

पूजा-अर्चना के साथ हुआ आयोजन का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण के छायाचित्र पर पूजा-अर्चना और दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। आयोजन में भाजपा प्रदेश मंत्री यशवंत जैन, जिला भाजपा अध्यक्ष चेमन देशमुख, कृष्ण जन्मोत्सव समिति के संरक्षक सौरभ लुनिया, संयोजक राकेश यादव, राजा दीवान, नगर पालिका उपाध्यक्ष कमलेश सोनी, पार्षद दीपक लोढ़ा, शाहिद खान, नितेश वर्मा सहित भाजपा एवं भाजयुमो के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे।
कृष्ण जन्मोत्सव समिति के अध्यक्ष गुलशन साहू ने आयोजन की सफलता के लिए अतिथियों, गोविंदा टीमों, कार्यकर्ताओं और दर्शकों का आभार जताया। आयोजन को सफल बनाने में हिमांशु साहू, सौरभ जैन, कुलदीप यादव, आशुतोष कौशिक, धनंजय साहू, अभिन्न यादव, सुमित जैन, राहुल साहू, जागेश्वर धीमर, रजत जैन सहित मंडल पदाधिकारियों और जिलेभर के कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दही हांडी उत्सव ने बालोद में कृष्ण जन्माष्टमी के पारंपरिक उल्लास को नई ऊर्जा दी। धार्मिक आस्था के साथ युवाओं के जोश, सामूहिक सहभागिता और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर यह आयोजन शहर में चर्चा का प्रमुख केंद्र बना रहा।













