मुंबई/नई दिल्ली।राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने देशभर में पटाखों की अवैध तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। ऑपरेशन “फायर ट्रेल” के तहत DRI ने न्हावा शेवा, मुंद्रा पोर्ट और कांडला SEZ में सात कंटेनरों से करीब 100 मीट्रिक टन चीनी पटाखों और आतिशबाजी सामग्री का भंडाफोड़ किया है। जब्त किए गए पटाखों की कीमत लगभग 35 करोड़ रुपये आंकी गई है।
खास बात यह रही कि इस खतरनाक माल को “मिनी सजावटी पौधे”, “कृत्रिम फूल” और “प्लास्टिक मैट” जैसे सामान के रूप में झूठा घोषित कर छिपाया गया था। यह खेप SEZ (विशेष आर्थिक क्षेत्र) के ज़रिए देश के घरेलू बाजार में भेजने की साजिश थी।
इस पूरे षड्यंत्र में शामिल कांडला SEZ की एक इकाई और कुछ IEC (इम्पोर्ट-एक्सपोर्ट कोड) धारकों की भूमिका उजागर हुई है। DRI ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
गौरतलब है कि भारत की विदेश व्यापार नीति के तहत पटाखों का आयात ‘प्रतिबंधित‘ श्रेणी में आता है। इसके लिए DGFT और PESO से विशेष लाइसेंस की जरूरत होती है। इन पटाखों में लाल सीसा, कॉपर ऑक्साइड और लिथियम जैसे खतरनाक रसायन होते हैं जो सार्वजनिक सुरक्षा, बंदरगाह संरचना और लॉजिस्टिक चैन के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं।
डीआरआई ने इस जब्ती से देश को न केवल संभावित विस्फोटों से बचाया, बल्कि अवैध तस्करी नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम भी उठाया है।
यह कार्रवाई दिखाती है कि भारत की एजेंसियां तस्करों के खिलाफ सतर्क हैं और देश के भीतर किसी भी अवैध गतिविधि को रोकने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।




















