डॉक्टरों को सलाम! सीएम ने कहा- “आपके बिना नहीं बन सकता स्वस्थ छत्तीसगढ़”
रायपुर,।राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर राजधानी में आयोजित समारोह एक भावनात्मक और प्रेरणादायक माहौल में तब्दील हो गया, जब मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कोविड काल में शहीद हुए 14 डॉक्टरों के परिवारों को सम्मानित किया। मंच पर जब परिजन आए, पूरा ऑडिटोरियम तालियों से गूंज उठा और माहौल गर्व से भर गया।

मुख्यमंत्री ने साफ कहा — “सेवा को धर्म मानकर डॉक्टरों ने जो योगदान दिया है, वो कभी भुलाया नहीं जा सकता।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार सिर्फ स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने में नहीं, बल्कि बेहतर और भरोसेमंद इलाज देने के लिए संकल्पित है।
इस मौके पर राज्यभर के 109 संविदा डॉक्टरों और 563 बांडेड चिकित्सकों को नियुक्ति और पदस्थापना आदेश भी सौंपे गए। इससे स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में बड़ा कदम माना जा रहा है।
मंत्री का भरोसा: हर डॉक्टर को मिलेगा पूरा सम्मान
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मंच से कहा —
“जब दुनिया लॉकडाउन में बंद थी, हमारे डॉक्टर मोर्चा संभाल रहे थे। यही जज़्बा छत्तीसगढ़ को आगे ले जाएगा।”
उन्होंने ये भी भरोसा दिलाया कि हर डॉक्टर को काम करने का सम्मानजनक माहौल और समर्थन मिलेगा। स्वास्थ्य मंत्री ने यह घोषणा भी की कि जल्द ही 92 और एमबीबीएस बांड डॉक्टरों तथा 157 विशेषज्ञ पीजी बांड डॉक्टरों के आदेश जारी होंगे।

भावुक लम्हा: जब डॉक्टरों के परिजनों को मिला सम्मान
कार्यक्रम का सबसे भावुक पल वो था जब कोरोना योद्धा डॉक्टरों के परिजन मंच पर आए। मुख्यमंत्री खुद मंच से नीचे उतरकर उन्हें सम्मानित करने पहुंचे। पूरा सभागार कुछ देर के लिए खामोश और नम आंखों वाला हो गया।
क्यों खास रहा ये दिन
डॉक्टरों को “सेवा के सच्चे सिपाही” कहकर दी गई सार्वजनिक सराहना
672 डॉक्टरों को एक साथ नियुक्ति-पत्र
कोविड काल में शहीद डॉक्टरों को श्रद्धांजलि
सरकार की स्वास्थ्य सेवा पर फोकस और “क्वालिटी हेल्थ” का वादा

डॉक्टरों से अपील
कार्यक्रम के अंत में स्वास्थ्य विभाग की आयुक्त डॉ. प्रियंका शुक्ला ने डॉक्टरों से अपील की कि वे अपनी सेवा भावना बनाए रखें और “हर मरीज़ तक मानवता के साथ पहुंचें”।
इस मौके पर कई विधायक, महापौर, मेडिकल छात्र और स्वास्थ्य अधिकारी भी मौजूद रहे।




















