रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय (महानदी भवन) में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में आज कई दूरगामी और अहम फैसले लिए गए। किसानों, युवाओं, कर्मचारियों और निवेशकों से जुड़े ये निर्णय राज्य की आर्थिक दिशा और संरचना को मजबूती देने वाले माने जा रहे हैं।
✅ कृषकों को मिलेगा विकल्प का अधिकार
कैबिनेट ने कृषक उन्नति योजना के दायरे को विस्तार देते हुए अब धान की जगह दलहन, तिलहन, मक्का जैसी वैकल्पिक फसलों को भी शामिल किया है। खरीफ 2024 में धान की फसल लेने वाले किसान यदि 2025 में अन्य फसलें लेते हैं, तो उन्हें भी आदान सहायता राशि दी जाएगी। यह फैसला फसल विविधता और मिट्टी के स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभकारी माना जा रहा है।
✅ पेंशन फंड और स्थिरता निधि का गठन
राज्य में दो नए फंड बनाए जाएंगे:
छत्तीसगढ़ पेंशन फंड, जिससे रिटायर होने वाले कर्मचारियों को समय पर पेंशन भुगतान सुनिश्चित होगा।
ग्रोथ एंड स्टेबिलिटी फंड, जो आर्थिक उतार-चढ़ाव के समय राजकोषीय स्थिरता बनाए रखने में मदद करेगा।
✅ छत्तीसगढ़ बनेगा लॉजिस्टिक हब
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक पॉलिसी-2025 को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य राज्य को लॉजिस्टिक और ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए राष्ट्रीय हब बनाना है।
भंडारण क्षमता में वृद्धि
ड्राई पोर्ट और कंटेनर डिपो को बढ़ावा
MSME और वन आधारित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
✅ जन विश्वास विधेयक से जीवन और कारोबार में सहजता
जन विश्वास (संशोधन) विधेयक-2025 को हरी झंडी मिली। इससे कुछ गैर-गंभीर प्रावधानों का गैर-अपराधीकरण होगा। इससे न केवल न्यायालयों पर भार कम होगा, बल्कि व्यापार और आम जनजीवन में सहूलियत भी बढ़ेगी।
✅ सात पुराने परिसरों का होगा पुनर्विकास
राज्य सरकार ने शहरों के जर्जर भवनों व अनुपयोगी जमीनों के पुनर्विकास की दिशा में कदम बढ़ाते हुए सात स्थानों पर रिडेवलपमेंट योजना को मंजूरी दी है। इसमें रायपुर, राजनांदगांव, जगदलपुर, कांकेर, महासमुंद और कोरबा के स्थान शामिल हैं।
✅ पदोन्नति के नियमों में राहत
वाणिज्यिक कर विभाग में उच्च श्रेणी लिपिक से उप पंजीयक पद तक पदोन्नति के लिए जरूरी सेवा-अवधि 5 वर्ष से घटाकर 2 वर्ष कर दी गई है। यह निर्णय फिलहाल एक बार के लिए लागू रहेगा।
यह कैबिनेट बैठक छत्तीसगढ़ के भविष्य निर्माण की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित हो सकती है।




















