इस बैठक में छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों के DGP, ADGP और तमाम वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। गृह मंत्री ने सभी राज्यों के अफसरों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा — “जो नक्सली अब भी जंगल में हैं, उनके लिए यह आखिरी मौका है। हथियार डालो, सरकार की सरेंडर पॉलिसी का फायदा उठाओ और मुख्यधारा से जुड़ो। नहीं तो अब बचना मुश्किल होगा।”

“बरसात में आराम करने का समय गया”
शाह ने दो टूक कहा — “हर साल बारिश के मौसम में नक्सली छिप जाते थे। लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। सुरक्षाबलों का ऑपरेशन जारी रहेगा और जंगलों में अब उन्हें सुकून की नींद नहीं मिलेगी।”
छत्तीसगढ़ सरकार की तारीफ
बैठक में शाह ने छत्तीसगढ़ की नई सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि पिछले डेढ़ साल में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने ठप पड़ी नक्सल विरोधी मुहिम को रफ्तार दी है। उन्होंने सिर्फ ऑपरेशन चलाया ही नहीं, बल्कि सुरक्षाबलों का हौसला भी बढ़ाया और रणनीति को सही दिशा दी।
नक्सलियों से आखिरी अपील
अमित शाह ने युवाओं से अपील की — “हिंसा का रास्ता छोड़ो। हथियार रखो और विकास की यात्रा से जुड़ो। जो भी सरकार से जुड़ना चाहता है, हम वादा निभाएंगे और जरूरत पड़ी तो उससे ज्यादा मदद भी दी जाएगी।”
👉 अब वक्त है फैसला करने का — जंगल की राह या देश की तरक्की की ओर बढ़ना। सरकार ने संदेश साफ कर दिया है।




















