
अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ में फॉरेंसिक साइंस, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल फॉरेंसिक जैसी आधुनिक तकनीकों की अब स्थानीय स्तर पर ही पढ़ाई और उपयोग संभव होगा। 268 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रहे इन संस्थानों में 2025-26 सत्र से बीएससी, एमएससी और डिप्लोमा कोर्स शुरू होंगे।
उन्होंने बताया कि अब अपराध जांच के लिए राजधानी या दिल्ली जाने की जरूरत नहीं होगी। अटल नगर में ही उन्नत फॉरेंसिक तकनीक, जैसे डीएनए फिंगरप्रिंटिंग, बायोटेक्नोलॉजी और डिजिटल जांच सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।
आई-हब से युवाओं को मिलेगा स्टार्टअप का मंच
इस मौके पर आई-हब रायपुर की भी शुरुआत हुई। शाह ने बताया कि यह हब युवाओं को स्टार्टअप, तकनीकी प्रशिक्षण, फंडिंग और प्रोफेशनल सेवाओं से जोड़ेगा। उन्होंने युवाओं से खुद का उद्योग शुरू करने और राज्य को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने का आह्वान किया।

नक्सलियों को दी आत्मसमर्पण की सलाह
गृह मंत्री ने नक्सलियों से आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में आने की अपील की और कहा कि अब पहली बार मानसून के दौरान भी नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा की सराहना करते हुए कहा कि इन दोनों के नेतृत्व में सुरक्षा बल नक्सलियों को चौकन्ना रहने का मौका नहीं दे रहे।
एनएफएसयू से खुलेगा रोजगार का रास्ता
शाह ने कहा कि एनएफएसयू का स्थायी परिसर अगले तीन वर्षों में तैयार होगा, जो युवाओं के लिए करियर और रोजगार के नए अवसर खोलेगा। उन्होंने नए लागू हुए तीन आपराधिक कानूनों का जिक्र करते हुए बताया कि अब सात साल से अधिक की सजा वाले अपराधों में फॉरेंसिक जांच अनिवार्य कर दी गई है। इससे न्याय प्रक्रिया अधिक सटीक और वैज्ञानिक होगी।

मुख्यमंत्री बोले- छत्तीसगढ़ को मिली नई पहचान
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि फॉरेंसिक साइंस और स्टार्टअप हब जैसे संस्थानों से छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश की शिक्षा, कानून व्यवस्था और तकनीकी उन्नयन के लिए ऐतिहासिक कदम है।
33 जिलों में मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जानकारी दी कि राज्य के 33 जिलों में मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट की स्थापना के लिए केंद्र सरकार ने 24 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। हर जिले में अब आधुनिक उपकरणों से लैस टीम मौके पर जाकर घटनाओं की जांच कर सकेगी।
इस कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, अन्य मंत्री, अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।




















