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डायरिया संकट में जब संवेदना बनी संबल, बालोद के इस समाज और व्यापारिक संगठन ने दिखाया सच्चा मानवधर्म

डायरिया संकट में बनी सेवा की मिसाल: जैन श्री संघ और चेंबर ऑफ कॉमर्स बालोद ने तरौद में वितरित किए 400 ठंडे पानी के केन

बालोद, ।जहां एक ओर बालोद जिले के ग्राम तरौद में डायरिया का संकट गहराता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर सामाजिक संगठन आगे आकर राहत का हाथ बढ़ा रहे हैं। दूषित पेयजल से पीड़ित इस गांव में एक युवक की मौत हो चुकी है और 50 से अधिक ग्रामीण बीमार हैं। ऐसे विकट समय में जैन श्री संघ बालोद और चेंबर ऑफ कॉमर्स बालोद ने संवेदनशीलता और सेवा भावना का परिचय देते हुए 400 ठंडे फिल्टर युक्त पानी केन का वितरण किया।

यह पहल शनिवार रात और रविवार को संयुक्त रूप से चलाई गई, जिसका नेतृत्व जैन श्री संघ के अध्यक्ष ताराचंद सांखला और चेंबर ऑफ कॉमर्स के नव-नियुक्त अध्यक्ष हरीश सांखला ने किया। दोनों संगठनों के 15 सदस्यीय युवा दल ने गांव-गांव जाकर लोगों को स्वच्छ और शीतल पेयजल उपलब्ध कराया।

चेंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष हरीश सांखला ने बताया कि ग्रामीणों की पीड़ा देखकर यह निर्णय लिया गया। “गांव में शुद्ध जल की भारी किल्लत है और लोग बीमार पड़ रहे हैं। ऐसे में हमारा कर्तव्य है कि हम समाज के साथ खड़े रहें। यदि जरूरत पड़ी तो आगे भी यह सेवा जारी रखी जाएगी,” 

वहीं जैन श्री संघ के अध्यक्ष ताराचंद सांखला ने कहा कि सेवा ही धर्म है, और ऐसे समय में शुद्ध पानी ही सबसे बड़ा संबल है। गांव के लोगों ने भी इस पहल में भरपूर सहयोग दिया।

ग्राम पंचायत तरौद के सरपंच धर्मेंद्र रामटेके ने भी इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा, “गांव में अब तक 50 से अधिक लोग डायरिया से पीड़ित हो चुके हैं। पंचायत स्तर पर भी पानी के टैंकर भेजे जा रहे हैं, लेकिन जैन श्री संघ और चेंबर ऑफ कॉमर्स का सहयोग सराहनीय है।”

ग्रामीणों ने इन संस्थाओं का आभार जताते हुए कहा कि यह पहल सिर्फ पानी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वास्थ्य, विश्वास और मानवता का संदेश है। संकट की घड़ी में जब समाज और संगठन साथ आते हैं, तो समाधान भी संभव होता है।

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