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“संतानहीनता बनी हत्या की वजह! बघमरा हत्याकांड में पुलिस का सनसनीखेज खुलासा”

बघमरा महिला हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा – बहू ने ही सास को उतारा मौत के घाट

बालोद, ग्राम बघमरा में हुए महिला हत्याकांड का पुलिस ने महज दो दिनों में खुलासा कर दिया है। जो सच सामने आया, उसने हर किसी को चौंका दिया। जिस महिला का खून से लथपथ शव उसके घर में मिला था, उसकी हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसी की बहू ने की थी।

पुलिस ने इस मामले में मृतिका की बहू खिलेश्वरी देवांगन (26 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। वह बघमरा के कोष्टापारा वार्ड क्रमांक 12 की रहने वाली है।

क्या है पूरा मामला?

10 जून को बालोद पुलिस को सूचना मिली कि गीता बाई देवांगन नाम की महिला अपने घर में खून से लथपथ पड़ी है। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पूछताछ में आस-पड़ोस और परिवारजनों से मिले इनपुट ने पुलिस को मृतका की बहू पर संदेह करने पर मजबूर कर दिया।

जैसे-जैसे पूछताछ आगे बढ़ी, बहू ने आखिरकार अपना जुर्म कबूल कर लिया।

क्यों की हत्या?

पुलिस को दिए बयान में खिलेश्वरी देवांगन ने बताया कि उसकी सास उसे बांझ कहकर आए दिन ताने देती थी। बच्चे न होने पर उसे बेकार और बोझ कहा जाता था। इतना ही नहीं, सास अपने बेटे यानी खिलेश्वरी के पति को भी भड़काया करती थी, जिससे घर में रोज झगड़े होते थे।

घटना वाले दिन भी इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद गुस्से में आकर खिलेश्वरी ने पास में रखे हंसिये से सास के पैर, चेहरा और शरीर पर वार कर दिए। सास ने खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन बहू तब तक वार करती रही जब तक उसकी मौत नहीं हो गई।

हत्या के बाद आरोपी ने मोहल्लेवालों से झूठ बोला कि उसकी सास ने खुद को चाकू से घायल कर लिया है। लेकिन जांच में सच्चाई सामने आ गई।

कैसे हुई कार्रवाई?

बालोद पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल के निर्देशन में, एसडीओपी देवांश सिंह राठौर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर के पर्यवेक्षण में इस केस पर तेज़ी से काम हुआ। थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर महिला को गिरफ़्तार किया गया और उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

जांच टीम में कौन-कौन रहा शामिल?

इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी रविशंकर पांडे के साथ उप निरीक्षक जोगेंद्र साहू, सहायक उप निरीक्षक देवकुमारी साहू, सूरज साहू, रामप्रसाद गजभिए, प्रधान आरक्षक भुवनेश्वर मरकाम, हरिश्चंद्र, आरक्षक राहुल, कोकिला, आकाश दुबे और योगेंद्र तमस्कर की भूमिका अहम रही।

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