🚆 46,000 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास, देश को मिला सबसे ऊंचा रेलवे ब्रिज और पहला केबल-स्टेड पुल
कटरा, जम्मू-कश्मीर | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर में विकास की एक नई इबारत लिखी। उन्होंने कटरा से 46,000 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस ऐतिहासिक मौके पर देश को दो अद्वितीय रेलवे पुलों – चिनाब ब्रिज और अंजी ब्रिज – की सौगात मिली, जो ना सिर्फ इंजीनियरिंग के चमत्कार हैं, बल्कि “नए भारत” की ऊंची उड़ान के प्रतीक भी बन गए हैं।
🌉 चिनाब ब्रिज: दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे आर्च पुल
यह पुल एफिल टावर से भी ऊंचा है और 1,315 मीटर लंबा है। 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह पुल न सिर्फ तकनीकी उत्कृष्टता का उदाहरण है, बल्कि पर्यटन की दृष्टि से भी एक बड़ा आकर्षण बनता जा रहा है। प्रधानमंत्री ने इसे “आत्मनिर्भर भारत” की सोच का परिणाम बताया।
🪝 अंजी ब्रिज: देश का पहला केबल-स्टेड रेलवे पुल
अंजी नदी पर बना यह पुल जम्मू और श्रीनगर के बीच कनेक्टिविटी को नई मजबूती देगा। अत्याधुनिक तकनीक से बना यह पुल चुनौतीपूर्ण भू-भाग पर भारत की निर्माण क्षमता का प्रदर्शन करता है।
🛤️ रेल संपर्क से बढ़ेगा पर्यटन और व्यापार
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कटरा से कश्मीर तक रेल संपर्क बढ़ने से न सिर्फ श्रद्धालु, बल्कि पर्यटक और कारोबारी वर्ग को भी बड़ी सुविधा होगी। इससे सेब, पश्मीना, ड्राई फ्रूट और स्थानीय हस्तशिल्प देश के कोने-कोने तक आसानी से पहुँच सकेंगे।

🧑⚕️ स्वास्थ्य और शिक्षा में भी बड़ा निवेश
पीएम मोदी ने जम्मू में एक नए मेडिकल कॉलेज की नींव रखी और वैष्णो देवी नारायण सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने की घोषणा की। इसके अलावा कई ITI और हायर एजुकेशन संस्थानों की आधारशिला रखी गई।
🔥 आतंकवाद पर सख्त संदेश
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद की आलोचना करते हुए कहा, “ऑपरेशन सिंदूर आतंक के खिलाफ हमारी नीति का प्रतीक है। अब कश्मीर के युवा आतंक को नहीं, विकास को चुन रहे हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में पर्यटकों पर हुए हमले इस क्षेत्र की बढ़ती पर्यटन शक्ति से जलन का परिणाम हैं।
🏔️ पर्यटन के नए द्वार
कटरा और उसके आसपास के क्षेत्रों में रेल पहुंच से वैष्णो देवी, शिवखोड़ी, पटनीटॉप, भद्रवाह और पहलगाम जैसे धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों को नया जीवन मिलेगा। इससे क्षेत्रीय रोजगार में भी इजाफा होगा।
एक नए जम्मू-कश्मीर की झलक
6 जून 2025 की यह यात्रा केवल पुलों और परियोजनाओं का उद्घाटन नहीं थी, यह एक संदेश था—कि अब जम्मू-कश्मीर आतंक से नहीं, तरक्की से पहचाना जाएगा। चिनाब की ऊंचाई और अंजी की मजबूती अब ‘नए भारत’ की पहचान बन चुकी है।




















