बालोद। बालोद जिले के ठेकेदार इन दिनों आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। सरकारी निर्माण एजेंसियों द्वारा कराए गए कार्यों का भुगतान दो वर्षों से लंबित है। ऐसे में अब ठेकेदारों का सब्र जवाब दे चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए, अपनी पीड़ा से शासन-प्रशासन को अवगत कराया है। इस दौरान कॉन्ट्रेक्टर एसोसिशन के अध्यक्ष विनोद बंटी शर्मा, खेमसिंह रायपुरिया,शैलेश सिंह,दीपक चोपड़ा, प्रवीण सारडा, कमलेश साहू सहित अन्य ठेकेदार मौजूद रहे।
जिले में आरईएस (ग्रामीण यांत्रिकी सेवा) और लोक निर्माण विभाग (PWD) सहित कई विभागों ने वर्षों पहले निर्माण कार्य कराए थे। ठेकेदारों ने समय पर कार्य पूर्ण भी कर दिए, लेकिन आज तक अधिकांश को भुगतान नहीं मिला। इतना ही नहीं, 10% कटौती, सुरक्षा निधि और अमानत राशि भी रोककर रखी गई है, जिसे लेकर ठेकेदार बेहद परेशान हैं।
ज्ञापन के माध्यम से ठेकेदारों ने बताया कि बार-बार संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पूर्व में कलेक्टर एवं डीएमसी आलोक त्रिवेदी और आरईएस ईई राजकुमार खोब्रागडे को भी इस संबंध में लिखित जानकारी दी जा चुकी है, परंतु आज दिनांक तक उनके प्रयासों का कोई सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आया।
“हमने मेहनत से काम किया, निर्धारित समय पर कार्य पूर्ण किया, लेकिन भुगतान न मिलने से अब हम कर्ज में डूबते जा रहे हैं,” — यह कहना है एक स्थानीय ठेकेदार का, जिनकी लाखों की राशि अटकी हुई है।
ज्ञापन में ठेकेदारों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि संबंधित विभागों को निर्देशित कर शीघ्र भुगतान सुनिश्चित कराया जाए, ताकि वे आर्थिक संकट से उबर सकें और आगे की परियोजनाओं में फिर से सक्रियता से भागीदारी कर सकें।




















