बालोद जिले के ग्राम दुधली में शनिवार सुबह एक बड़ा हादसा उस वक्त टल गया जब मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना) के तहत काम कर रही एक महिला श्रमिक को काम के दौरान सर्प ने डस लिया। यह घटना सुबह लगभग 9:30 बजे की है, जब महिला मजदूर गांव से लगे नहर किनारे कार्य कर रही थीं।
पीड़ित महिला की पहचान दीपिका ठाकुर उम्र 29 वर्ष, निवासी ग्राम दुधली के रूप में हुई है। घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद मजदूरों और ग्रामवासियों ने तत्परता दिखाते हुए ग्राम पंचायत को सूचना दी।
उपसरपंच मोहित देशमुख, रोजगार सहायक बिंदु देशमुख, और सरपंच पिलेश्वरी नेताम ने समय न गंवाते हुए दीपिका को बालोद जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे तुरंत एंटी वेनम इंजेक्शन देकर उपचार शुरू किया। चिकित्सकों के अनुसार महिला की स्थिति अब स्थिर है और वह पूरी तरह खतरे से बाहर है।
अमूमन ऐसे मामलों में ग्रामीण क्षेत्रों में झाड़-फूंक और अंधविश्वास के कारण मरीज को समय पर चिकित्सकीय सहायता नहीं मिल पाती, जिससे जान पर बन आती है। लेकिन इस मामले में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की जागरूकता और सक्रियता ने दीपिका ठाकुर को नवजीवन दिया।
अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग ने भी जनप्रतिनिधियों की तत्परता की सराहना की और कहा कि यदि पीड़िता को समय पर अस्पताल न लाया गया होता, तो यह हादसा जानलेवा हो सकता था।
यह घटना न सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों में आपात स्थितियों से निपटने की मिसाल बनी है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जब समाज और जनप्रतिनिधि मिलकर जागरूकता और वैज्ञानिक सोच के साथ कदम उठाते हैं, तो बड़ी से बड़ी आपदा को भी टाला जा सकता है।




















