बालोद, शराब पीने के लिए पैसे नहीं थे, तो तीन युवकों ने मिलकर राह चलते एक व्यक्ति से लूट की वारदात को अंजाम दे डाला। लेकिन बालोद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से लूटी गई पूरी रकम भी बरामद कर ली।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रार्थी जो किलकारी क्लीनिक बालोद में कार्यरत है, दिनांक 14 मई को रात्रि 7:15 बजे ड्यूटी से अपने गांव धनगांव लौट रहा था। जैसे ही वह नयापारा बालोद बायपास रोड पहुंचा, तभी तीन युवकों ने उसे रोक लिया और गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। इसके बाद उसके पास से 5,500 रुपये लूट लिए, जिसमें सभी 500-500 के नोट थे। इतना ही नहीं, आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देते हुए उसे जबरन अपनी मोटरसाइकिल पर बैठा लिया और कपिलेश्वर मंदिर की ओर ले जाने लगे। रास्ते में मौका पाकर प्रार्थी ने शोर मचाया, जिससे संतुलन बिगड़ा और सभी मोटरसाइकिल से गिर पड़े। इस दौरान मोहल्ले वालों की भीड़ देख आरोपी भाग खड़े हुए।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर व अनुविभागीय अधिकारी देवांश सिंह राठौर के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी रविशंकर पांडेय के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। मुखबिर की सूचना और पीड़ित के बताए हुलिए के आधार पर मुख्य आरोपी तरूण निर्मलकर को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपने साथियों ईश्वर यादव और प्रियांशु ढीमर के साथ वारदात में शामिल होने की बात कबूल की।
तीनों आरोपियों के पास से लूटी गई पूरी राशि 5,500 रुपये, घटना में प्रयुक्त हीरो होंडा स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, एक चमड़े का बेल्ट बरामद किया गया। आरोपियों को 16 मई को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
तीनों आरोपी हैं पुराने अपराधी
1. तरूण निर्मलकर (22), निवासी मरारपारा बालोद – पूर्व में मारपीट, धमकी, जुआ जैसे मामलों में लिप्त।
2. ईश्वर यादव (22), निवासी संजय नगर बालोद – पूर्व में चोरी, मारपीट, धमकी सहित कई अपराध दर्ज।
3. प्रियांशु ढीमर (24), निवासी सहगांव – पूर्व में आबकारी, जुआ और मारपीट के मामले दर्ज।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी रविशंकर पांडेय, सउनि सूरज साहू, प्रधान आरक्षक दुर्योधन यादव, हरिश्चंद्र सिन्हा, आरक्षक मोहन कोकिला, संजय सोनी, बनवाली यदु, वेदप्रकाश भुआर्य और जितेन्द्र सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बालोद पुलिस की इस तेज़ कार्रवाई से क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश गया है कि अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है और कानून के हाथ बहुत लंबे हैं।




















