प्राप्त जानकारी के अनुसार, रंजीत नेताम अपने खेत में बनी लॉरी में बैठकर फसल की रखवाली कर रहे थे, तभी जंगल से आया एक तेंदुआ अचानक उन पर झपट पड़ा। इस हमले में रंजीत नेताम के चेहरे और सिर पर गंभीर चोटें आईं, शरीर के कई हिस्सों पर पंजों के गहरे जख्म पाए गए।

हमले के दौरान बुजुर्ग किसान ने साहस दिखाते हुए तेंदुए से संघर्ष किया और किसी तरह जान बचाकर वहां से भाग निकले। जैसे ही वे गांव पहुंचे, उन्होंने ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। तत्काल वन विभाग को सूचना दी गई।
वन विभाग ने मौके पर पहुंचकर ड्रोन की मदद से इलाके की तलाशी ली। ड्रोन से पता चला कि घायल तेंदुआ अभी भी किसान की लॉरी में ही मौजूद है और वहीं बेहोशी की हालत में पड़ा हुआ है। तेंदुए के गले और पीठ पर पुराने घाव पाए गए, जिनमें से एक घाव करीब 2 इंच गहरा था और अनुमानित तौर पर 5-7 दिन पुराना बताया गया।

तेंदुए को रेस्क्यू वाहन में रखकर नगरी लाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृत तेंदुए की उम्र लगभग 4 वर्ष आंकी गई है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, तेंदुए के शरीर पर पाए गए घाव संभवतः किसी अन्य जंगली जानवर या तेंदुए के साथ हुई लड़ाई के हैं।
वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और ग्रामीणों से अपील की है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं। विभाग लगातार ड्रोन और गश्ती दल के माध्यम से क्षेत्र की निगरानी कर रहा है ताकि ऐसे घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।




















