नई दिल्ली,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राष्ट्र को संबोधित करते हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता पर देशवासियों को बधाई दी और इसे भारत की आतंक के खिलाफ निर्णायक नीति का प्रतीक बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब आतंक पर भारत का रुख बदल चुका है – “सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के बाद, अब ऑपरेशन सिंदूर भारत की नई नीति है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि पहलगाम में हुए नृशंस आतंकी हमले का जवाब देने के लिए भारतीय सेनाओं को खुली छूट दी गई थी, और उन्होंने अपनी वीरता से आतंक के ठिकानों को तबाह कर दिया। “हमने बहावलपुर और मुरीदके जैसे आतंकी हेडक्वार्टर्स को खंडहर बना दिया,” उन्होंने बताया।

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि आतंक और उससे जुड़े संगठन अब समझ चुके हैं कि “भारत की बहनों-बेटियों के सिंदूर को छूना उन्हें भारी पड़ेगा।” उन्होंने 100 से अधिक आतंकवादियों के मारे जाने की पुष्टि की, और कहा कि दशकों से खुलेआम घूम रहे आतंक के सरगनाओं का अंत कर दिया गया।
प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत अब न्यूक्लियर ब्लैकमेल नहीं सहेगा। “जो सरकारें आतंक को शरण देती हैं, उन्हें अब अलग नहीं देखा जाएगा,” उन्होंने चेतावनी दी।
“टेरेरिज्म और टॉक, टेरेरिज्म और ट्रेड, साथ नहीं चल सकते,” पीएम मोदी ने दृढ़ता से कहा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान से कोई भी वार्ता केवल आतंकवाद और पाकिस्तान-ऑक्यूपाइड कश्मीर (PoK) पर ही होगी।
उन्होंने दुनिया से भी अपील की कि “शांति की गारंटी तब ही संभव है जब आतंक के प्रति ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए।”
बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर पीएम मोदी ने शांति और शक्ति का संतुलन बताते हुए कहा, “शांति का मार्ग भी शक्ति से होकर गुजरता है।” उन्होंने कहा कि एक विकसित भारत के निर्माण के लिए भारत का सशक्त होना आवश्यक है।
अंत में प्रधानमंत्री ने सेना, सशस्त्र बलों, और हर भारतवासी की एकजुटता को नमन करते हुए उन्हें देश की सबसे बड़ी ताकत बताया।




















